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Up kiran,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत ने आम जनता के पसीने छुड़ा दिए हैं। जिले के लगभग डेढ़ दर्जन पेट्रोल पंपों पर ‘नो-स्टॉक’ (No Stock) के बोर्ड लटक गए हैं, जिससे ईंधन आपूर्ति पूरी तरह चरमरा गई है। जिन इक्का-दुक्का पंपों पर तेल उपलब्ध है, वहां सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। इस भारी अव्यवस्था और घंटों के इंतजार के बीच उपभोक्ताओं का धैर्य जवाब दे रहा है, जिसका नतीजा अब सड़कों और पंपों पर मारपीट के रूप में सामने आ रहा है।

धौरीकुइयां पंप पर चले लात-घूंसे: 'पहले मैं' की होड़ में खूनी संघर्ष

ईंधन की कमी के कारण उपजे तनाव का एक डरावना मंजर मंगलवार शाम धौरीकुइयां स्थित एक पेट्रोल पंप पर देखने को मिला। यहां तेल लेने के लिए लगी लंबी कतार में खड़े दो युवकों के बीच 'पहले तेल कौन लेगा' इस बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चलने लगे। करीब दस मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के कारण पंप पर अफरा-तफरी मच गई और पेट्रोल भरवाने आए अन्य लोग जान बचाकर भागते दिखे।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, पुलिस ने शुरू की जांच

हंगामे के दौरान मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब इंटरनेट मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे ईंधन के संकट ने लोगों को हिंसक बना दिया है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।

पुलिस का बयान: तहरीर मिलते ही होगी कड़ी कार्रवाई

इस मामले पर प्रभारी निरीक्षक सदर मिथलेश कुमार राय ने बताया कि पुलिस के संज्ञान में यह वीडियो आया है। उन्होंने कहा, "फिलहाल इस मामले में किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। हमने वीडियो को धौरीकुइयां के ग्राम प्रधान और चौकीदार को भेज दिया है ताकि मारपीट करने वाले युवकों की पहचान की जा सके। पहचान होते ही संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।"

आम जनता बेहाल: आखिर कब सुधरेगी सप्लाई?

सिद्धार्थनगर में पेट्रोल-डीजल की इस किल्लत ने परिवहन और खेती-किसानी के कार्यों को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है। लोग एक पंप से दूसरे पंप के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकतर जगहों पर निराशा ही हाथ लग रही है। स्थानीय प्रशासन और तेल कंपनियों की ओर से सप्लाई बहाल करने के ठोस दावे अभी तक धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं।