Up kiran,Digital Desk : महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के संसद में पारित न हो पाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। शनिवार को पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि इस ऐतिहासिक बिल का विरोध करके विपक्षी दलों ने एक ऐसा 'पाप' किया है, जिसकी सजा उन्हें देश की जनता और विशेषकर नारी शक्ति जरूर देगी। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को 'एंटी-रिफॉर्म' (सुधार विरोधी) मानसिकता वाली पार्टियां करार दिया।
"कांग्रेस ने क्षेत्रीय दलों का भविष्य किया खराब"
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने जानबूझकर क्षेत्रीय दलों को इस बिल के विरोध के लिए उकसाया है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस नहीं चाहती कि क्षेत्रीय दल और साधारण परिवारों की महिलाएं आगे बढ़ें। सोची-समझी रणनीति के तहत इन दलों से विरोध करवाकर कांग्रेस ने उनका भविष्य अंधकार में डाल दिया है। ये पार्टियां हमेशा से किसी न किसी बहाने महिलाओं के हक पर डाका डालती आई हैं।"
परिवारवाद और डर की राजनीति पर निशाना
प्रधानमंत्री ने परिवारवादी पार्टियों पर प्रहार करते हुए कहा कि उन्हें सबसे बड़ा डर इस बात का है कि अगर सामान्य परिवारों की महिलाएं राजनीति में आगे आ गईं, तो उनका वर्चस्व खत्म हो जाएगा।
पंचायत से संसद तक: पीएम ने कहा कि आज महिलाएं पंचायत स्तर पर नेतृत्व कर रही हैं, लेकिन ये पार्टियां उन्हें विधानसभा और संसद में नहीं देखना चाहतीं।
समर्थन छिनने का डर: "इन पार्टियों को डर है कि महिलाओं के सशक्त होने से उनका पारंपरिक वोट बैंक खिसक जाएगा, इसलिए इन्होंने एकजुट होकर इस सुधार को रोका।"
'बांटो और राज करो' की नीति का आरोप
परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे पर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम पर पीएम ने कहा कि कांग्रेस अंग्रेजों की 'बांटो और राज करो' की नीति पर चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि परिसीमन से दक्षिण भारत की सीटों को कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन इसके बावजूद उत्तर और दक्षिण को लड़ाने के लिए झूठ फैलाया गया।
कांग्रेस: एक 'एंटी-रिफॉर्म' पार्टी
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की एक लंबी सूची गिनाई जिसमें उन्होंने सुधारों का विरोध किया था। उन्होंने कहा, "कांग्रेस को रिफॉर्म का नाम सुनते ही एलर्जी होने लगती है। उन्होंने हर उस कदम का विरोध किया जो 21वीं सदी के भारत के लिए जरूरी था:"
आर्थिक सुधार: जनधन योजना, जीएसटी (GST), और डिजिटल पेमेंट का विरोध।
राष्ट्रीय सुरक्षा व कानून: आर्टिकल 370 हटाना, ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण, सीएए (CAA) और यूसीसी (UCC) का विरोध।
विवादों को लटकाना: सीमा विवाद और पाकिस्तान से जुड़े मुद्दों को दशकों तक लटकाए रखना कांग्रेस का मूल मंत्र रहा है।
'क्रेडिट विपक्ष ले लेता, बस मेरी बहनों को हक दे देता'
पीएम मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि वह इस बिल का श्रेय लेने के भूखे नहीं थे। उन्होंने कहा, "मैंने संसद में कहा था कि आप विज्ञापन छपवाकर सारा क्रेडिट ले लीजिए, बस आधी आबादी को उनका हक मिल जाने दीजिए। लेकिन दकियानूसी सोच के कारण वे अड़े रहे।"
देश की महिलाओं को भरोसा: 'कल संख्याबल नहीं था, पर संकल्प अटल है'
भाषण के अंत में पीएम मोदी ने देश की महिलाओं को संबोधित करते हुए भावुक अपील की। उन्होंने कहा, “मेरी माताओं-बहनों, मैं जानता हूं कि आज आप दुखी हैं। हमें जरूरी 66 प्रतिशत (दो-तिहाई) वोट नहीं मिला, लेकिन 100 प्रतिशत नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। कल हमारे पास संख्याबल की कमी थी, लेकिन हमारा संकल्प नहीं टूटा है। हम महिला आरक्षण के खिलाफ उठने वाली हर आवाज को खत्म करेंगे और विधानसभाओं व संसद में आपकी भागीदारी सुनिश्चित करके रहेंगे। यह मोदी का संकल्प है।”




