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Up Kiran, Digital Desk: कुछ प्रेम कहानियां कभी पूरी नहीं होतीं, लेकिन हमेशा के लिए जिंदा रह जाती हैं। ऐसी ही एक कहानी है 70 और 80 के दशक की खूबसूरत अदाकारा और गायिका सुलक्षणा पंडित की, जिनका एकतरफा प्यार इतना गहरा था कि उसने उनकी पूरी जिंदगी को ही बदल दिया। और अब, किस्मत के एक अजीब से खेल में, उन्होंने उसी तारीख को दुनिया को अलविदा कहा, जिस दिन 40 साल पहले उनके महबूब संजीव कुमार का निधन हुआ था।

71 साल की उम्र में सुलक्षणा पंडित का 6 नवंबर, 2025 को मुंबई में निधन हो गया।ये वही 6 नवंबर की तारीख है, जब साल 1985 में एक्टर संजीव कुमार ने दिल का दौरा पड़ने से दुनिया छोड़ दी थी। यह सिर्फ एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि एक ऐसी दर्द भरी प्रेम कहानी का आखिरी अध्याय लगता है, जो कभी मुकम्मल न हो सकी।

एक ऐसा प्यार जिसने जिंदगी वीरान कर दी

सुलक्षणा पंडित अपने दौर की बेहद कामयाब अभिनेत्री और गायिका थीं। उन्होंने 1975 में फिल्म 'उलझन' से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी और इस फिल्म के हीरो थे संजीव कुमार। इसी फिल्म के सेट पर सुलक्षणा, संजीव कुमार को अपना दिल दे बैठीं। वह उनसे बेपनाह मोहब्बत करती थीं, लेकिन संजीव कुमार का दिल हेमा मालिनी के लिए धड़कता था। हेमा मालिनी से इनकार मिलने के बाद संजीव कुमार ने कभी किसी से शादी नहीं की।

सुलक्षणा ने संजीव कुमार से शादी करने की इच्छा भी जाहिर की, लेकिन संजीव ने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया।इस इनकार के बावजूद सुलक्षणा का प्यार कम नहीं हुआ। लेकिन जब 1985 में महज 47 साल की उम्र में संजीव कुमार का निधन हुआ, तो सुलक्षणा यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाईं।

एक सितारा जो गुमनामी में खो गया

संजीव कुमार की मौत ने सुलक्षणा पंडित को बुरी तरह तोड़ दिया था। वह गहरे डिप्रेशन में चली गईं और धीरे-धीरे उन्होंने फिल्मी दुनिया से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया। एक बार उन्होंने कहा था, संजीव जी के जाने के बाद जिंदगी वीरान हो गई। जो एक्ट्रेस कभी पर्दे पर अपनी खूबसूरती और आवाज से राज करती थीं, उन्होंने खुद को एक कमरे में कैद कर लिया और फिर कभी उस दर्द से पूरी तरह उबर नहीं पाईं।

40 साल तक उसी एकतरफा प्यार की यादों के साथ जीने वाली सुलक्षणा का उसी तारीख को दुनिया से चले जाना, उनकी इस अधूरी प्रेम कहानी पर कुदरत की आखिरी मुहर जैसा लगता है। यह एक ऐसे प्यार की दास्तां है जो भले ही दुनिया में पूरा न हुआ हो, लेकिन शायद कहीं और जाकर मुकम्मल हो गया।