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Up Kiran,Digital Desk: उत्तराखंड में अंकिता भंडारी के हत्या मामले को लेकर गुस्सा अब भी शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। यह मामला 2022 में हुआ था और इसमें तीन दोषी जीवन भर की सजा भुगत रहे हैं। मगर हाल ही में एक महिला उर्मिला सनावर द्वारा वायरल हुए ऑडियो-वीडियो ने मामले में वीआईपी की भूमिका पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटनाक्रम ने एक नया मोड़ लिया जब राज्य सरकार ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की। फिलहाल सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और एक अज्ञात वीआईपी के विरुद्ध केस दर्ज किया गया है। हालांकि विपक्षी दलों का कहना है कि यह सब वीआईपी को बचाने के लिए किया जा रहा है।

महापंचायत में उभरा जन आक्रोश

आज कांग्रेस और करीब 40 अन्य राजनीतिक संगठनों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में महापंचायत का आयोजन किया। प्रदेशभर से आए कार्यकर्ता और नेताओं ने इस मुद्दे पर एकजुट होकर भाजपा सरकार के विरुद्ध अपनी आवाज उठाई। सभा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

अंकिता के माता-पिता की उपस्थिति

इस कार्यक्रम में अंकिता के माता-पिता भी मौजूद थे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि मामले में वीआईपी आरोपी की गिरफ्तारी होनी चाहिए। विभिन्न संगठनों के नेता बारी-बारी से मंच पर आए और अंकिता को न्याय दिलाने की अपील की। उत्तराखंड महिला मंच की पदाधिकारी निर्मला बिष्ट ने कार्यक्रम का संचालन किया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी इस आंदोलन में भाग लिया और जनभावनाओं के अनुसार मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

इंडिया गठबंधन और कांग्रेस की सख्त प्रतिक्रिया

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने स्पष्ट कहा कि इस वक्त की जा रही सीबीआई जांच सिर्फ वीआईपी को बचाने के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह जांच पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और इसके पीछे असली आरोपियों को बचाने की साजिश हो सकती है। रावत ने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच उच्चतम न्यायालय की निगरानी में होनी चाहिए, ताकि किसी भी दबाव से बचा जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि जिन आधारों पर सीबीआई जांच की जा रही है, वे संदिग्ध हैं और इसका उद्देश्य सिर्फ वीआईपी को बचाना है।

सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल

हरीश रावत ने सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि हाल ही में देहरादून में तीन महिलाओं की हत्या हुई है, जो यह दर्शाता है कि राज्य में महिलाओं की सुरक्षा का हाल बहुत बुरा है। रावत ने कहा कि सरकार इस मामले में पूरी तरह से विफल रही है और महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।