UP Kiran,Digital Desk: पंजाब में बढ़ते अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने एक सख्त रणनीति तैयार की है। राज्य की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए डीजीपी गौरव यादव ने लगभग 7,000 हथियार लाइसेंस रद्द करने के आदेश दिए हैं। इस कदम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि पुलिस अब किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं करेगी और अपराधियों पर कड़ी नज़र रखेगी।
सख्ती से निपटेंगे अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क से
डीजीपी गौरव यादव ने चंडीगढ़ में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि पुलिस का मुख्य उद्देश्य पंजाब को अपराधियों और गैंगस्टर नेटवर्क से मुक्त करना है। इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। गौरतलब है कि पंजाब में गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस ने उनकी गतिविधियों को समाप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसके साथ ही डीजीपी ने यह भी कहा कि विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को भारत लाने के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस के उच्च अधिकारियों के कामकाज की भी समीक्षा की जाएगी। इस दिशा में किए गए कदमों से जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
'ऑपरेशन प्रहार' की सफलता
पुलिस की कार्रवाई में एक अहम हिस्सा ऑपरेशन "प्रहार" है, जो 20 जनवरी से शुरू किया गया था। इस अभियान के तहत अब तक 5,290 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है और 2,973 संदिग्धों को एहतियाती हिरासत में लिया गया है। पूछताछ के बाद 5,413 व्यक्तियों को रिहा कर दिया गया।


_68647045_100x75.png)
_456527560_100x75.png)
_1428362377_100x75.png)