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Up Kiran,Digital Desk: उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए खुशखबरी है। जल जीवन मिशन अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक गांव में घर-घर नल से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। यह योजना राज्यभर में 40,000 से ज्यादा जल परियोजनाओं के तहत चल रही है, जिनके पूरा होने के बाद इनसे सीधे तौर पर ग्रामीण परिवारों को लाभ मिलेगा।

दिल्ली में हुई अहम बैठक में हुआ बड़ा ऐलान

दिल्ली में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में आयोजित एक मंत्री स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल जीवन मिशन की प्रगति की जानकारी दी। इस बैठक में विभिन्न राज्यों में जल आपूर्ति योजनाओं की स्थिति पर चर्चा की गई और जल जीवन मिशन के उत्तर प्रदेश में चल रहे कार्यों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की गई।

पानी के महत्व को समझते हुए हर गांव तक पहुंचने की योजना

मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बताया कि राज्य में जल जीवन मिशन के तहत की जा रही परियोजनाओं में कई योजनाएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। इन योजनाओं के पूरी होने से ग्रामीण इलाकों में नल से शुद्ध पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। विशेष रूप से बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के कई गांवों में इस योजना का लाभ पहले ही मिलना शुरू हो चुका है।

महिलाओं के लिए जीवन को आसान बनाने वाला बदलाव

ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या ने सबसे ज्यादा महिलाओं को प्रभावित किया है, क्योंकि उन्हें दिन-रात पानी के लिए दूर-दराज जाना पड़ता था। इस नई योजना के बाद महिलाओं को पानी लाने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा। इससे न सिर्फ उनका समय बचेगा, बल्कि उनके स्वास्थ्य और सामाजिक स्थिति में भी सुधार होगा। इस योजना का प्रभाव महिलाओं के जीवन पर गहरा और सकारात्मक असर डालेगा।

जल गुणवत्ता पर विशेष ध्यान: हर गांव में महिलाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

राज्य सरकार पेयजल की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसके तहत राज्य भर के गांवों में पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। इसके साथ ही हर गांव में पांच महिलाओं को जल गुणवत्ता परीक्षण की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि स्थानीय स्तर पर भी पानी की शुद्धता की निगरानी की जा सके।