img

Up kiran,Digital Desk: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार रात को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य राजकीय रात्रिभोज में हिस्सा लिया। इस खास आयोजन में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। यह रात्रिभोज न केवल एक राजनयिक अवसर था, बल्कि भारत और रूस के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को भी प्रगाढ़ बनाने का एक माध्यम बन गया।

पुतिन ने चखा भारतीय शाकाहारी खाने का अनोखा स्वाद

रात्रिभोज में विशेष रूप से शाकाहारी व्यंजन परोसे गए, जिनमें भारतीय पारंपरिक और क्षेत्रीय व्यंजनों का समावेश था। पुतिन को ऐपेटाइज़र के तौर पर कश्मीरी अखरोट की चटनी के साथ गुच्ची दून चेतिन, पैन-ग्रील्ड काले चने के शिकमपुरी, वेजिटेबल झोल मोमो और मुरुंगेलाई चारू सूप परोसा गया। इन स्वादिष्ट व्यंजनों ने उन्हें भारतीय खाने का एक खास अनुभव दिया।

मुख्य कोर्स में जाफरानी पनीर रोल, पालक मेथी मटर का साग, तंदूरी भरवां आलू और अचारी बैंगन जैसे डिश परोसे गए, जिनसे पुतिन को भारतीय स्वादों का भरपूर आनंद मिला। इसके साथ लच्छा पराठा, मिस्सी रोटी और बंगाली मिठाई 'गुड़ संदेश' भी पेश की गई।

संगीत और संस्कृति: रात्रिभोज में भारतीय और रूसी धुनों का संगम

रात्रिभोज के दौरान राष्ट्रपति भवन के नौसेना बैंड ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और बॉलीवुड संगीत के साथ-साथ रूसी धुनों का भी संगम पेश किया। बैंड ने शाहरुख खान की फिल्म 'फिर भी दिल है हिंदुस्तानी' का गाना और चाइकोवस्की की 'द नटक्रैकर सूट' बजाकर पुतिन को रूसी संगीत के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही, 'कलिंका' जैसे रूसी लोकगीत भी प्रस्तुत किए गए, जो दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाते थे।

रात्रिभोज के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को लेकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "हमारी साझेदारी शांति, स्थिरता और दोनों देशों के सामाजिक-आर्थिक तथा तकनीकी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण है।" पुतिन के प्रति अपनी व्यक्तिगत सराहना व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने इस संबंध को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई।