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Up Kiran, Digital Desk: सूत्रों के अनुसार, युद्ध शुरू होने के दूसरे ही दिन पुतिन ने कोजक से यूक्रेन से आत्मसमर्पण की मांग रखने को कहा था। हालांकि कोजक ने यह कहते हुए आदेश मानने से इनकार कर दिया कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इस सैन्य कार्रवाई से रूस क्या हासिल करना चाहता है। बहस बढ़ने पर कोजक ने पुतिन से साफ शब्दों में कहा कि वे अपने फैसले के लिए गिरफ्तारी या यहां तक कि गोली मारे जाने के लिए भी तैयार हैं।

बाद में कोजक को यह जानकारी मिली कि पुतिन ने वह फोन कॉल स्पीकरफोन पर की थी, जिसे राष्ट्रपति कार्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने सुना। यह घटना पुतिन की सत्ता पर पकड़ में आई एक दुर्लभ दरार के रूप में देखी गई। 67 वर्षीय कोजक ने इसी साल सितंबर में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ के पद से इस्तीफा दे दिया था।

शांति प्रस्ताव पर बातचीत के लिए अमेरिका जाएंगे रूसी दूत

इसी बीच रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों के तहत क्रेमलिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव अमेरिका के मियामी जाने वाले हैं। वे शनिवार को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूत स्टीव विटकाफ और उनके दामाद जेरेड कुश्नर से मुलाकात करेंगे।

सरकारी समाचार एजेंसी तास के अनुसार, रूस अमेरिका से यह जानना चाहता है कि यूक्रेन और यूरोपीय देशों से बातचीत के बाद शांति प्रस्ताव में क्या बदलाव किए गए हैं। रूस इस प्रस्ताव पर आगे की रणनीति तय करने की तैयारी में है।

शांति प्रयासों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज

शांति वार्ता की संभावनाओं के बावजूद रूस ने एक नई सैन्य ब्रिगेड गठित की है, जिसे अत्याधुनिक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल ‘ओरेशनिक’ से लैस किया गया है। वहीं, यूक्रेन के ड्रोन हमलों में रूस के रोस्तोव क्षेत्र में तीन लोगों की मौत हो गई। ड्रोन हमला बंदरगाह क्षेत्र में किया गया, जिसकी चपेट में एक कार्गो जहाज भी आया।

इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि वे जब्त की गई रूसी संपत्तियों का किसी भी रूप में इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं। समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, बेल्जियम ने कहा है कि यूक्रेन को बड़े पैमाने पर ऋण देने से पहले उसे रूस की संभावित जवाबी कार्रवाई से सुरक्षा की ठोस गारंटी चाहिए।