Up Kiran, Digital Desk: राजस्थान में बच्चों को पोलियो जैसी खतरनाक बीमारी से बचाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को प्रदेशव्यापी पल्स पोलियो अभियान का आगाज किया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री निवास पर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर इस अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने ‘दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार’ संदेश वाला पोस्टर भी जारी किया।
पोलियो के खिलाफ इस अभियान का उद्देश्य राज्य के हर बच्चे को पोलियो से बचाना और पोलियो मुक्त राजस्थान बनाए रखना है। इस अभियान के तहत, 23 नवम्बर को राज्यभर में 1 करोड़ से अधिक बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी।
पोलियो का खतरा और बचाव की आवश्यकता
चिकित्सा और स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने पांच साल तक के बच्चों को निकटतम पोलियो बूथों पर लेकर जाएं और उन्हें पोलियो की दवा अवश्य पिलवाएं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत में पिछले 14 वर्षों से पोलियो का कोई नया मामला सामने नहीं आया और भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है।
हालांकि, पड़ोसी देशों में पोलियो के कुछ मामलों के सामने आने के कारण इस अभियान को एक बार फिर से चलाया जा रहा है, ताकि कोई भी बच्चा इस खतरनाक बीमारी से प्रभावित न हो।
अभियान के लिए व्यापक तैयारी
पोलियो अभियान को सफल बनाने के लिए, राज्य भर में 58 हजार 823 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, जिनके माध्यम से 1 करोड़ 8 लाख बच्चों को पोलियो रोधी दवा दी जाएगी। इसके अलावा, 6 हजार 741 ट्रांजिट टीमें और 8 हजार 989 मोबाइल टीमें भी तैनात की गई हैं।
निदेशक आरसीएच, डॉ. मधु रतेश्वर ने बताया कि पोलियो बूथों पर 23 नवम्बर को दवा पिलाई जाएगी, लेकिन अगर किसी कारणवश कुछ बच्चे पोलियो बूथों तक नहीं पहुंच पाते हैं तो अगले दो दिनों में स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर उन्हें दवा पिलाएंगे।
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