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Up Kiran, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा एक बड़े रिकॉर्ड के दहलीज पर खड़े हैं, जो उन्हें भारत के महानतम ऑलराउंडरों में से एक और विश्व क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी कपिल देव के साथ एक विशेष क्लब में शामिल कर देगा। यह ऐतिहासिक पल उन्हें इंग्लैंड के दिग्गज ऑलराउंडर इयान बॉथम जैसे खिलाड़ियों की श्रेणी में भी ला खड़ा करेगा।

क्या है वो खास रिकॉर्ड? रविंद्र जडेजा पांचवें टेस्ट में यदि एक खास उपलब्धि हासिल कर लेते हैं, तो वह टेस्ट क्रिकेट में 3000 रन बनाने और 300 विकेट लेने वाले भारत के दूसरे और विश्व के नौवें ऑलराउंडर बन जाएंगे। यह एक ऐसा दुर्लभ 'डबल' है जो किसी भी ऑलराउंडर की खेल के दोनों विभागों में उत्कृष्टता को दर्शाता है।

अब तक का प्रदर्शन: रविंद्र जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक 2997 रन बनाए हैं (यह डेटा लेख के प्रकाशन के समय का है, वास्तविक रन संख्या थोड़ी भिन्न हो सकती है)। वहीं, उन्होंने 295 विकेट भी चटकाए हैं।

कितने दूर हैं जडेजा?:

रनों के मामले में: उन्हें 3000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 3 और रनों की आवश्यकता है। यह बेहद आसान लक्ष्य है, जो वह पांचवें टेस्ट की पहली पारी में ही हासिल कर सकते हैं।

विकेटों के मामले में: 300 विकेट पूरे करने के लिए उन्हें 5 और विकेटों की दरकार है। जडेजा जैसे गेंदबाज के लिए यह कोई मुश्किल काम नहीं है, खासकर घरेलू परिस्थितियों में।

कपिल देव और इयान बॉथम का विशिष्ट क्लब

अगर जडेजा यह उपलब्धि हासिल करते हैं, तो वह भारत के महानतम ऑलराउंडर कपिल देव के बाद यह मुकाम हासिल करने वाले दूसरे भारतीय क्रिकेटर बन जाएंगे। कपिल देव ने टेस्ट क्रिकेट में 5000 से अधिक रन और 400 से अधिक विकेट लिए हैं, जो उन्हें एक अलग ही लीग में रखता है।

विश्व क्रिकेट में इस विशिष्ट क्लब में पहले से ही कुछ महान खिलाड़ी शामिल हैं, जिनमें इयान बॉथम (इंग्लैंड), गैरी सोबर्स (वेस्टइंडीज), जैक कैलिस (दक्षिण अफ्रीका), डैनियल विटोरी (न्यूजीलैंड), स्टुअर्ट ब्रॉड (इंग्लैंड) और शॉन पोलॉक (दक्षिण अफ्रीका) जैसे नाम शामिल हैं। जडेजा का नाम इन दिग्गजों के साथ जुड़ना उनके कद को और बढ़ा देगा।

जडेजा का महत्व: हाल के वर्षों में रविंद्र जडेजा ने अपनी बल्लेबाजी में जबरदस्त सुधार किया है और वह एक भरोसेमंद निचले क्रम के बल्लेबाज बनकर उभरे हैं। वहीं, उनकी स्पिन गेंदबाजी लगातार विकेट लेने वाली रही है और उनकी फील्डिंग तो हमेशा से ही विश्व स्तरीय रही है। उनकी यह ऑलराउंडर क्षमता उन्हें भारतीय टीम के लिए एक अमूल्य खिलाड़ी बनाती है।

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