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Up kiran,Digital Desk : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक विदेश और व्यापार नीति इन दिनों वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल मचा रही है। वेनेजुएला से लेकर ग्रीनलैंड और टैरिफ की धमकियों तक, ट्रंप के फैसलों ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच अब संकेत मिल रहे हैं कि ट्रंप के रुख को लेकर अमेरिका के भीतर ही असहमति खुलकर सामने आने लगी है। कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने यूरोप को सीधी सलाह देते हुए ट्रंप की टैरिफ धमकियों का सख्ती से सामना करने की बात कही है।

दावोस से आया सख्त संदेश

कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम का यह बयान स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान सामने आया। उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों को राष्ट्रपति ट्रंप की व्यापारिक धमकियों के सामने कमजोर नहीं दिखना चाहिए। खासतौर पर ग्रीनलैंड विवाद को लेकर जिस तरह टैरिफ का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, वह खतरनाक संकेत है।

टैरिफ से झुकाने की राजनीति पर नाराजगी

न्यूजॉम ने साफ कहा कि ट्रंप टैरिफ को हथियार बनाकर देशों को अपने पक्ष में झुकाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि अगर यूरोप इस दबाव में पीछे हटता है, तो भविष्य में ऐसी धमकियां और बढ़ेंगी। उन्होंने यूरोपीय नेताओं से अपील की कि वे मजबूती दिखाएं और सामूहिक रूप से जवाब दें।

ग्रीनलैंड विवाद क्यों बना तनाव की जड़

ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है और आर्कटिक क्षेत्र में इसकी रणनीतिक अहमियत बहुत ज्यादा है। सुरक्षा और भू-राजनीतिक कारणों से अमेरिका लंबे समय से इस इलाके में अपनी भूमिका बढ़ाने के संकेत देता रहा है। ट्रंप प्रशासन ने ग्रीनलैंड को लेकर खुले तौर पर सख्त रुख अपनाया है और असहमति जताने वाले देशों पर टैरिफ की धमकी दी है। इसी मुद्दे ने अमेरिका-यूरोप संबंधों में तनाव बढ़ा दिया है।

यूरोपीय संघ भी चिंतित

यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारियों ने भी ट्रंप की नीति पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि राजनीतिक मुद्दों को व्यापारिक दबाव से जोड़ना भरोसे को कमजोर करता है। ईयू का मानना है कि ग्रीनलैंड जैसे संवेदनशील मसले पर टैरिफ की धमकी देना अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में गहरी दरार डाल सकता है।

क्या अपने ही देश में घिर रहे हैं ट्रंप

कैलिफोर्निया जैसे बड़े और प्रभावशाली राज्य के गवर्नर का खुलकर विरोध करना यह संकेत देता है कि ट्रंप की नीतियों को लेकर अमेरिका के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है। यूरोप पर दबाव की यह राजनीति अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय विवाद नहीं, बल्कि अमेरिकी घरेलू राजनीति का भी अहम मुद्दा बनती जा रही है। ग्रीनलैंड का मसला अब केवल जमीन का नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन की लड़ाई का रूप ले चुका है।