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Up Kiran, Digital Desk: चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। उत्तराखंड सरकार ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और चारधामों की पवित्रता बनाए रखने के लिए एक नया कदम उठाया है। अब बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम मंदिरों में शांति बनाए रखने और अनुशासन के लिए उठाया गया है।

मंदिर परिसरों में मोबाइल पर रोक

इन चार धामों में अब कोई भी श्रद्धालु मोबाइल फोन लेकर मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। इस कदम के पीछे का मुख्य उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु मंदिर में पूजा में पूरी श्रद्धा से ध्यान केंद्रित कर सकें और मंदिरों की पवित्रता बनी रहे। इसके अलावा सोशल मीडिया पर वीडियो, रील्स और व्लॉग बनाने को लेकर विवाद बढ़ रहे थे, जिससे एक ठोस निर्णय की आवश्यकता महसूस हुई।

गौरतलब है कि बदरीनाथ धाम में सिंहद्वार से आगे मोबाइल फोन ले जाने पर पहले ही प्रतिबंध था, लेकिन अब यह नियम सभी चार धामों पर लागू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं के लिए मंदिर परिसर से पहले मोबाइल जमा करने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे किसी को भी परेशानी न हो।

चारधाम यात्रा की तैयारी में तेज़ी

इस साल की चारधाम यात्रा की तैयारियों में प्रशासन ने गति बढ़ा दी है। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें यात्रा से जुड़ी आवश्यक तैयारियों पर चर्चा हुई। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि यात्रा मार्ग के सभी जिलों को फरवरी तक जरूरी बजट उपलब्ध करवा दिया जाएगा। इसके साथ ही सभी संबंधित विभागों को जल्द से जल्द प्राथमिक कार्यों की सूची शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

सड़क, आवास और पार्किंग की बेहतर व्यवस्था

चारधाम यात्रा मार्ग की सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में प्रशासन ने कई अहम कदम उठाए हैं। गढ़वाल आयुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग को आदेश दिए हैं कि 31 मार्च तक यात्रा मार्ग की सड़कों को पूरी तरह दुरुस्त कर लिया जाए। साथ ही बीएसएनएल को नेटवर्क की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने की सलाह दी गई है।

यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था भी सुधारी जाएगी। होटल और गेस्ट हाउसों में सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा और पार्किंग की क्षमता बढ़ाई जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि यात्रा मार्ग पर होल्डिंग प्वाइंट्स और पार्किंग स्थल बढ़ाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को कोई परेशानी न हो।

शासन की प्राथमिकता: श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा

यात्रा को लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा है। यात्रा से जुड़ी सभी सुविधाओं को दुरुस्त करने के साथ-साथ प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर होने वाली किसी भी आपात स्थिति के लिए भी तैयारियां पूरी की हैं। साथ ही इस बार यात्रा के दौरान पहले से अधिक सुविधाएं और सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।