
Up Kiran, Digital Desk: PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) आजकल महिलाओं में तेजी से बढ़ती एक आम हार्मोनल समस्या है, जिससे अनियमित पीरियड्स, वज़न बढ़ना, मुंहासे और अनचाहे बाल उगने जैसी दिक्कतें होती हैं। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सही खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव करके इन लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। एक मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट ने ऐसे 7 अचूक तरीके बताए हैं, जो PCOS से जूझ रही महिलाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं:
सीड साइक्लिंग (बीज चक्र): हार्मोन संतुलन का प्राकृतिक तरीका
यह एक अनोखा तरीका है जहाँ मासिक धर्म चक्र के अनुसार अलग-अलग बीजों का सेवन किया जाता है ताकि हार्मोन को प्राकृतिक रूप से संतुलित किया जा सके:
चक्र के पहले 14 दिन (Follicular Phase): अलसी (Flax Seeds) और कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) का सेवन करें। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड और जिंक होते हैं जो एस्ट्रोजन के स्वस्थ स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं।
चक्र के अगले 14 दिन (Luteal Phase): सूरजमुखी (Sunflower Seeds) और तिल के बीज (Sesame Seeds) खाएं। ये सेलेनियम और विटामिन ई से भरपूर होते हैं जो प्रोजेस्टेरोन हार्मोन को सपोर्ट करते हैं।
जड़ी-बूटियों का कमाल (Herbal Healing):कुछ जड़ी-बूटियां PCOS के लक्षणों को कम करने में बहुत प्रभावी होती हैं:
अश्वगंधा: तनाव कम करता है और हार्मोन संतुलन में मदद करता है।
शतावरी: महिलाओं के हार्मोनल इम्बैलेंस को ठीक करने के लिए जानी जाती है।
हल्दी: इसके एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करते हैं।
दालचीनी: इंसुलिन संवेदनशीलता (insulin sensitivity) में सुधार करने में मदद कर सकती है, जो PCOS में अक्सर एक समस्या होती है।
संतुलित और पोषण युक्त आहार (Balanced Diet):अपनी डाइट से प्रोसेस्ड फूड, अत्यधिक चीनी और अनहेल्दी फैट को बाहर निकालें। इसकी जगह:
पूरे अनाज (जौ, बाजरा, ब्राउन राइस)।
लीन प्रोटीन (दालें, अंडे, टोफू, लीन मीट)।
ढेर सारी हरी पत्तेदार सब्जियां और रंगीन फल।
स्वस्थ वसा (घी, जैतून का तेल, नट्स, एवोकाडो)।
फाइबर युक्त भोजन जो रक्त शर्करा को स्थिर रखता है।
नियमित व्यायाम (Regular Exercise):शारीरिक गतिविधि न केवल वजन नियंत्रण में मदद करती है, बल्कि यह इंसुलिन संवेदनशीलता में भी सुधार करती है और तनाव को कम करती है। हर दिन कम से कम 30 मिनट की मॉडरेट एक्सरसाइज (जैसे तेज़ चलना, योग, डांस) को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
तनाव प्रबंधन (Stress Management):तनाव हार्मोनल इम्बैलेंस को और बढ़ा सकता है। योग, मेडिटेशन, गहरी सांस लेने के व्यायाम या अपनी पसंद की कोई हॉबी अपनाकर तनाव को कम करें। पर्याप्त आराम और दिमागी शांति PCOS के लक्षणों को बेहतर करने में मदद करती है।
आंत का स्वास्थ्य (Gut Health):एक स्वस्थ आंत, स्वस्थ हार्मोन के लिए बहुत ज़रूरी है। अपने आहार में प्रोबायोटिक्स (दही, छाछ, किमची) और प्रीबायोटिक्स (लहसुन, प्याज, केले) वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें। यह आंत में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है।
पर्याप्त नींद (Adequate Sleep):हर रात 7-8 घंटे की गहरी और आरामदायक नींद लेना हार्मोन रेगुलेशन के लिए महत्वपूर्ण है। नींद की कमी से स्ट्रेस हार्मोन बढ़ सकते हैं, जिससे PCOS के लक्षण और खराब हो सकते हैं।
ये सभी उपाय PCOS के लक्षणों को कम करने और आपके समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक हैं। याद रखें, किसी भी बड़े बदलाव से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ से सलाह लें। सही जीवनशैली और खानपान से PCOS को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है!
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