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Up Kiran, Digital Desk: नोखा में आज एनडीए के विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में जेडीयू सांसद लवली आनंद का गुस्सा छलक गया। पंडाल में खाली कुर्सियां देखकर उन्होंने मंच से ही कार्यकर्ताओं को खरी-खोटी सुनाई और बिना भाषण पूरा किए ही कार्यक्रम छोड़ दिया।
कुर्सियों की खाली पंक्तियों ने मचाई नाराजगी
कार्यक्रम सुबह 11:30 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक वक्ताओं ने अपनी-अपनी बातें रखीं। सांसद लवली आनंद मुख्य अतिथि होने के कारण अंत में बोलने आईं। लेकिन उस समय पंडाल में अधिकांश कार्यकर्ता लंच के लिए कुर्सियां छोड़कर चले गए थे।
लवली आनंद ने मंच से कहा कि मैं कई महत्वपूर्ण काम छोड़कर यहां आई हूं। पहले भी नोखा में बड़ी सभाएं हुई हैं, लेकिन इस बार यह स्थिति देखकर बहुत निराशा हुई।
उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं की इस लापरवाही ने माहौल खराब किया और उन्हें यह उम्मीद नहीं थी। हालांकि बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए के सभी कार्यकर्ता एकजुट हैं और इस घटना को व्यक्तिगत रूप से नहीं लिया जाना चाहिए।
नोखा में यह सम्मेलन विधानसभा स्तरीय था और इसे दिनभर चलाया गया। आयोजकों ने कार्यकर्ताओं के लिए पंडाल के एक कोने में भोजन की व्यवस्था की थी, जिससे अधिकांश लोग बीच में ही खाना खाने चले गए। यही वजह रही कि मुख्य अतिथि के आने पर पंडाल लगभग खाली नजर आया।
स्थानीय सूत्रों ने बताया कि कार्यक्रम में कई बार व्यवस्थापन और आयोजन में खामियां देखने को मिली हैं, लेकिन इस बार सांसद की नाराजगी सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी।
असर और भविष्य की संभावनाएं
इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कार्यकर्ता सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों में व्यवस्था और अनुशासन क्यों नहीं बनाए जाते। राजनीतिक दलों के लिए यह चेतावनी है कि बड़े नेताओं की उपस्थिति में उचित प्रबंधन न केवल सम्मान का सवाल है, बल्कि कार्यकर्ताओं की छवि भी बनाता है।
नोखा की यह घटना शायद आने वाले आयोजनों में कार्यकर्ताओं को ज्यादा सतर्क कर दे। लेकिन सवाल यह है कि क्या इस नाराजगी से किसी को सीख मिलेगी या फिर हर बार यही लापरवाही दोहराई जाएगी।
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