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Up Kiran, Digital Desk: सितंबर का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने जा रहा है। इस महीने सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र—चार बड़े ग्रह अपनी-अपनी राशियाँ बदलेंगे। इन एक साथ होने वाले गोचर से ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं का अद्भुत संरेखण बनेगा, जिसका सीधा असर बारहों राशियों के जीवन पर पड़ सकता है।
सबसे खास संयोग 17 सितंबर को बनेगा, जब सूर्य और बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे और शुभ बुधादित्य योग का निर्माण करेंगे। वैदिक ज्योतिष में यह योग ज्ञान, प्रतिष्ठा, आत्मविश्वास और सफलता का प्रतीक माना जाता है। मंगल का तुला राशि में 13 सितंबर को प्रवेश व शुक्र का 15 सितंबर को सिंह राशि में प्रवेश भी इस महीने कई बड़े बदलाव की नींव रखेंगे।
मुख्य ग्रह परिवर्तन – सितंबर 2025
13 सितंबर : मंगल तुला में प्रवेश
15 सितंबर : शुक्र सिंह में प्रवेश
15 सितंबर : बुध कन्या में प्रवेश
17 सितंबर : सूर्य कन्या में प्रवेश, बुधादित्य योग का निर्माण
विभिन्न राशियों पर प्रभाव
वृषभ (Taurus)
यह महीना करियर और शिक्षा में उपलब्धियों का द्वार खोल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को उन्नति मिलेगी और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए समय अनुकूल रहेगा। बिजनेस में भी लाभ की संभावना प्रबल है। पुराने अधूरे सपने पूरे हो सकते हैं, वहीं पारिवारिक जीवन में संतुलन और सामंजस्य बढ़ेगा।
सिंह (Leo)
आपका स्वामी ग्रह सूर्य दूसरे भाव में गोचर करेगा, जो धन और संपत्ति का द्योतक है। इससे आर्थिक लाभ के साथ-साथ मान-सम्मान भी मिलने की संभावना है। कारोबारी जातकों के लिए यह समय अनुबंध और समझौतों के लिहाज से शुभ रहेगा। सरकारी क्षेत्र में कार्यरत लोगों को अप्रत्याशित पदोन्नति मिल सकती है और विदेश यात्रा की संभावना भी बन रही है।
धनु (Sagittarius)
धनु राशि वालों के लिए सितंबर नई उम्मीद और सकारात्मक घटनाएँ लेकर आएगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी पाने के अवसर हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और बचत में वृद्धि की संभावना है। रिश्तों में मधुरता आएगी और स्वास्थ्य भी संतुलित रहेगा।
बुधादित्य योग का महत्व
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बुधादित्य योग तब बनता है जब सूर्य और बुध एक ही भाव में स्थित हों। बुध जहां बुद्धि, तर्क और संचार का प्रतीक है, वहीं सूर्य साहस, शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतिनिधि है। दोनों का मिलन व्यक्ति को ज्ञान, यश और उपलब्धि की ओर अग्रसर करता है। इस बार यह योग कन्या राशि में बन रहा है, इसलिए जिन जातकों की कुंडली में कन्या का महत्वपूर्ण स्थान है, उनके लिए यह योग विशेष फलप्रद रहेगा।
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