Up Kiran, Digital Desk: उत्तर भारत में इस वक्त की सर्दी से आमजन के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाओं ने दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में सर्दी को और तीव्र कर दिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में शीतलहर और घने कोहरे का असर बने रहने का अनुमान है, जिससे जनजीवन पर प्रतिकूल असर हो सकता है।
कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे लोग
राजधानी दिल्ली में इस साल की पहली शीतलहर का अनुभव किया गया है। राजधानी के विभिन्न इलाकों में तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे पहुंच गया है। आयानगर और पालम जैसे इलाकों में रिकॉर्ड तोड़ ठंड पाई गई है। सफदरजंग वेधशाला में भी तापमान सामान्य से कम 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यह दिल्ली में पिछले 13 वर्षों का सबसे ठंडा मौसम है। IMD ने आगामी दो दिन के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है, जिससे लोगों को सर्दी और कोहरे से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है।
कोहरे और सर्द हवाओं से प्रभावित यूपी-बिहार
उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में इस समय कोहरे के कारण दृश्यता बहुत कम हो गई है। सड़क और रेल यातायात में बाधाएं आ रही हैं, और कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति में भी दिक्कतें हो सकती हैं। पटना, गया और भागलपुर जैसे शहरों में सूरज की किरण तक नहीं दिख पा रही है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ और कानपुर में भी ठंड और गलन का आलम है। मौसम विभाग ने फिर से शीतलहर की संभावना जताई है, जिससे तापमान और गिर सकता है। अगले तीन दिनों तक इन क्षेत्रों में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है, खासकर पश्चिमी यूपी के जिलों में।
पंजाब और हरियाणा में पारा गिरने की संभावना
पंजाब और हरियाणा में भी कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। बठिंडा में पारा 1.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जबकि हिसार और फरीदकोट जैसे शहरों में भी तापमान 2 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दोनों राज्यों में अगले कुछ दिनों तक ठंड और बढ़ सकती है।
हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बर्फबारी और शून्य तापमान
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बर्फबारी के कारण तापमान शून्य से नीचे जा चुका है। इन क्षेत्रों में ठंड के साथ-साथ बर्फीली हवाओं का असर भी बढ़ गया है। यहां के निवासियों के लिए दिनचर्या को सामान्य रखना मुश्किल हो गया है।
दक्षिण भारत में सामान्य मौसम
जहां उत्तर भारत ठंड और कोहरे से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों जैसे तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य है। इन क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन सर्दी का कोई विशेष असर नहीं दिख रहा।
ला नीना का प्रभाव और सर्दियों में उतार-चढ़ाव
स्काईमेट वेदर के अनुसार, ठंड को प्रभावित करने वाली ‘ला नीना’ स्थितियां 2026 के वसंत तक धीरे-धीरे कमजोर हो सकती हैं। तब तक ठंड में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, और सर्दी का असर बरकरार रहेगा।
सावधान रहने की सलाह
मौसम विभाग ने ठंड और कोहरे के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खासकर सुबह और रात के समय यात्रा करते समय ध्यान रखने को कहा गया है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत है, और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।



_1808145860_100x75.jpg)
