Up Kiran, Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली छात्रों के लिए एक नई वित्तीय सहायता योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत चयनित छात्रों को चार साल तक हर महीने एक हजार रुपये मिलेंगे, जिससे उन्हें पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्चों में मदद मिलेगी। योजना की खासियत यह है कि यह मुख्य रूप से मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को लाभ पहुंचाएगी।
कक्षा 9वीं के छात्र होंगे इस योजना का हिस्सा
वजीफे के लिए छात्रों को राज्य-स्तरीय परीक्षा में शामिल होना होगा, जो नेशनल टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन (NTSE) के पैटर्न पर आयोजित होगी। यह परीक्षा कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए होगी। इस परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों को कक्षा 12वीं तक सालाना 12,000 रुपये की राशि दी जाएगी।
चार साल तक मिलने वाली आर्थिक मदद
योजना के तहत छात्रों को कक्षा 9वीं से लेकर 12वीं तक हर महीने 1000 रुपये या सालाना 12,000 रुपये मिलेंगे। इससे न सिर्फ उनके शैक्षिक खर्चों में राहत मिलेगी बल्कि गरीब पृष्ठभूमि वाले प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर भी मिलेगा।
स्कॉलरशिप का प्रस्ताव पहले ही तैयार
साइकोलॉजी विभाग के निदेशक पी. एन. सिंह ने बताया कि इस योजना का प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि योजना लागू होने से छात्रों की पढ़ाई और करियर दोनों पर सकारात्मक असर पड़ेगा। साइकोलॉजी विभाग पहले से ही नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) के तहत कक्षा 8वीं के 15,143 छात्रों को 9वीं से 12वीं तक स्कॉलरशिप उपलब्ध कराता है।
NTSE स्कॉलरशिप का व्यापक प्रभाव
राष्ट्रीय स्तर की NTSE स्कॉलरशिप योजना 11वीं से लेकर PhD तक के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। हालांकि उत्तर प्रदेश में 2021 के बाद से NTSE परीक्षा आयोजित नहीं हुई है, लेकिन शिक्षा मंत्रालय इसे नए प्रारूप में शुरू करने की योजना बना रहा है। इसमें परीक्षा पैटर्न में बदलाव और स्कॉलरशिप राशि में बढ़ोतरी की संभावना है।
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