Up Kiran, Digital Desk: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर ज़िले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां एक छोटे जलाशय का हिस्सा टूटने से आई बाढ़ में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लापता हो गए। यह घटना न सिर्फ प्रशासन की सतर्कता पर सवाल उठाती है, बल्कि राज्य में बांधों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता खड़ी करती है।
लूती जलाशय में दरार से फैला पानी, गांव में तबाही
मंगलवार देर रात बलरामपुर के धनेशपुर गांव में स्थित लूती जलाशय में भारी बारिश के बाद दरार पड़ गई। यह जलाशय 1980 के दशक के प्रारंभ में बनाया गया था। दरार से बहता पानी तेज़ी से नजदीकी घरों और खेतों में घुस गया, जिससे गांव में अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई। ग्रामीणों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
सोते समय हुई मौतें, तीन अब भी लापता
इस भीषण बाढ़ में एक महिला और उसकी सास समेत चार लोगों की उस वक्त मौत हो गई जब वे अपने घरों में सो रहे थे। बाढ़ इतनी तेज़ थी कि उन्हें बचने का समय तक नहीं मिला। वहीं, तीन अन्य लोग अब भी लापता हैं और उनकी तलाश के लिए राहत व बचाव कार्य जारी है। जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, राहत कार्य में तेज़ी के निर्देश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य भर में राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की है। उन्होंने बस्तर और दंतेवाड़ा ज़िलों का दौरा कर बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई और जमीनी सर्वेक्षण भी किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता और पुनर्वास प्रदान किया जाए।




