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UP Kiran,Digital Desk: कानपुर शहर में हाल ही में एक बेहद चौंकाने वाली घटना ने पुलिस प्रशासन और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जूही थाना क्षेत्र में थाने से महज चंद कदम की दूरी पर चार महिलाओं पर ब्लेड से हमला हुआ। इस घटना ने इलाके में सनसनी मचा दी और स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता को बढ़ा दिया।

सड़क पर हुआ विवाद, फिर शुरू हुआ खौफनाक हमला

यह घटना उस समय घटी जब रानी नामक महिला अपनी बेटी पलक, बहन राधा, बहन प्रीति और प्रीति के पति गौरव के साथ बाजार जा रही थीं। जैसे ही वे जूही थाने के पास से गुजरने वाली गली से मुख्य सड़क पर पहुंची, एक तेज रफ्तार ऑटो उनके सामने आ गया। ऑटो चालक ने गाड़ी बेकाबू कर दी, और महिलाएं किसी तरह बाल-बाल बची, लेकिन ऑटो पलट गया। इस लापरवाही को देखकर महिलाओं ने विरोध किया, और यहीं से विवाद बढ़ा।

हमलावरों ने किया नृशंस हमला

आरोप है कि ऑटो चालक आदिल, जो नशे में था, और उसके साथ दो अन्य युवक दिशांत और बाबू समीर भी थे। महिलाओं के विरोध करने पर इन तीनों ने गौरव पर हमला किया और फिर मारपीट की। जब महिलाएं गौरव को बचाने आईं, तो हमलावरों ने ब्लेड से उनका पीछा किया और चेहरे, गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किए। इस हिंसा में एक महिला की गर्दन और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। एक महिला को 25 टांके लगे जबकि दूसरी को 10 टांके लगे। बेटी पलक और प्रीति भी घायल हुईं।

पुलिस का गैर-जिम्मेदाराना रवैया

घटना के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने मदद देने के बजाय मामले को टालने की कोशिश की। जब पीड़ित महिलाएं लहूलुहान हालत में जूही थाने पहुंचीं, तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने 'सीमा विवाद' का बहाना बनाकर मदद करने से मना कर दिया। पुलिस का कहना था कि यह घटना किदवईनगर थाना क्षेत्र में घटी है, इसलिए वे कार्रवाई नहीं कर सकते। इस दौरान आरोपी फरार हो गए और पीड़ित महिलाओं को एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा।