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Up kiran,Digital Desk : पश्चिम अफ्रीकी देश माली इस वक्त अपने इतिहास के सबसे भीषण सुरक्षा संकट से गुजर रहा है। एक सुनियोजित और बड़े आतंकी हमले में देश के रक्षा मंत्री जनरल सादियो कैमारा की हत्या कर दी गई है। इस हमले को माली की सैन्य सरकार का तख्तापलट करने की एक सोची-समझी साजिश माना जा रहा है। आतंकियों ने न केवल रक्षा मंत्री को निशाना बनाया, बल्कि देश के कई अहम सैन्य अड्डों और हवाई अड्डों पर भी कब्जा करने की कोशिश की है।

सत्ता के केंद्र 'काटी सैन्य बेस' पर आत्मघाती हमला

आतंकियों ने माली की राजधानी बामाको से महज 15 किमी दूर स्थित काटी सैन्य बेस को अपना मुख्य निशाना बनाया। यह बेस माली की सैन्य सत्ता का गढ़ है।

विस्फोट और मौत: आतंकियों ने एक आत्मघाती कार बम से रक्षा मंत्री सादियो कैमारा के आवास को उड़ा दिया। इस धमाके में रक्षा मंत्री, उनकी दूसरी पत्नी और दो पोते-पोतियों की मौत हो गई।

राष्ट्रपति बाल-बाल बचे: इसी बेस में अंतरिम राष्ट्रपति जनरल असिमी गोइता भी रहते हैं। हमले के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सुरक्षित निकालकर किसी अज्ञात स्थान पर पहुंचा दिया।

भारत का कड़ा रुख: "जीरो टॉलरेंस" की नीति

भारत सरकार ने माली में हुए इस कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।

विदेश मंत्रालय का बयान: मंत्रालय ने कहा कि भारत इस कठिन समय में माली की सरकार और वहां के लोगों के साथ खड़ा है। भारत ने रक्षा मंत्री सादियो कैमारा के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की।

आतंकवाद पर प्रहार: भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति दोहराते हुए कहा कि वह सभी प्रकार के आतंकवाद से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है।

रूस की एंट्री: "तख्तापलट की कोशिश नाकाम"

माली के प्रमुख सहयोगी रूस ने इस हमले को सीधे तौर पर 'तख्तापलट की कोशिश' करार दिया है।

रूसी सेना का पराक्रम: रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि वहां मौजूद रूसी सेना (अफ्रीका कॉर्प्स) ने माली के सुरक्षा बलों के साथ मिलकर आतंकियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया।

मुलाकात और संकल्प: सैन्य शासक असिमी गोइता ने रूसी राजदूत इगोर ग्रोमिको से मुलाकात की। इसके बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए गोइता ने कसम खाई कि जब तक इन हथियारबंद गुटों का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, सैन्य अभियान जारी रहेगा।

किन संगठनों ने रची साजिश?

इस भीषण हमले के पीछे दो गुटों का खतरनाक गठबंधन सामने आया है:

JNIM (जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन): यह अल-कायदा से जुड़ा संगठन है जिसने बामाको और उत्तरी क्षेत्रों में हमलों की जिम्मेदारी ली है।

तुआरेग विद्रोही: उत्तरी माली के इन अलगाववादी गुटों ने भी समन्वित हमलों में शामिल होने का दावा किया है।

क्यों महत्वपूर्ण थे सादियो कैमारा?

जनरल सादियो कैमारा माली की सैन्य सरकार के सबसे शक्तिशाली स्तंभ और रणनीतिकार थे। उन्हें माली और रूस के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों का मुख्य सूत्रधार माना जाता था। उनकी हत्या न केवल माली के लिए, बल्कि क्षेत्र में रूसी हितों के लिए भी एक बड़ा झटका है।

माली का भविष्य संकट में

2021 में तख्तापलट के बाद से ही माली में अस्थिरता है। जिहादी और अलगाववादी गुटों ने मिलकर अब सीधे सत्ता के मुख्यालय को चुनौती दी है। 12,000 से अधिक हमलावरों द्वारा किए गए इस हमले ने साफ कर दिया है कि पश्चिम अफ्रीका का यह हिस्सा एक बड़े गृहयुद्ध की कगार पर खड़ा है।