Up kiran,Digital Desk : विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा शुरू होने में अब महज 12 दिन शेष हैं, लेकिन उससे पहले प्रकृति की मार ने प्रशासन और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे केदारनाथ पैदल मार्ग पर लिनचोली के पास अचानक थारू ग्लेशियर टूट गया, जिससे भारी मात्रा में बर्फ और मलबे ने 100 मीटर के पैदल रास्ते को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है।
पुनर्निर्माण कार्य और रसद आपूर्ति पर पड़ा बुरा असर
थारू ग्लेशियर टूटने से केदारनाथ धाम के लिए होने वाली घोड़े-खच्चरों की आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है। इसका सीधा असर धाम में चल रहे महत्वपूर्ण द्वितीय चरण के पुनर्निर्माण कार्यों पर पड़ रहा है।
सामग्री आपूर्ति बाधित: निर्माण कार्यों के लिए जरूरी सामग्री और मजदूरों के लिए रसद की आपूर्ति लिनचोली मार्ग से ही होती है, जो अब बंद है।
रास्ता क्षतिग्रस्त: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के अनुसार, ग्लेशियर के बहाव से करीब 100 मीटर मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसे फिर से चलने लायक बनाने में समय लग सकता है।
यात्रा से पहले 'रेस अगेंस्ट टाइम'
इस वर्ष केदारनाथ यात्रा 22 अप्रैल 2026 से शुरू हो रही है। सामान्य तौर पर यात्रा मई के शुरुआती हफ्तों में शुरू होती है, लेकिन इस बार 10-15 दिन पहले कपाट खुलने के कारण मौसम की चुनौतियां कहीं अधिक हैं।
डीडीएमए की टीम तैनात: डीडीएमए के अधिशासी अभियंता राघवेंद्र सिंह ने बताया कि टीम मौके पर पहुंच चुकी है और बर्फ हटाने के साथ मार्ग को सुचारू करने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
कठोर मौसम: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड और रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी के बीच रास्ता खोलना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है।
यात्रियों के लिए सलाह
चूंकि यात्रा शुरू होने में बहुत कम समय बचा है, ऐसे में प्रशासन रास्ते की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जो श्रद्धालु यात्रा की योजना बना रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे:
पंजीकरण (Registration): केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही पंजीकरण कराएं।
मौसम अपडेट: रुद्रप्रयाग प्रशासन और उत्तराखंड पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल से मौसम का हाल जानते रहें।
स्वास्थ्य: कड़ाके की ठंड और कम ऑक्सीजन को देखते हुए अपनी स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं।




