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Up kiran,Digital Desk : क्रिकेट की गलियारों में एक नई रिपोर्ट ने खलबली मचा दी है। खबर है कि इंग्लैंड की प्रतिष्ठित लीग 'द हंड्रेड' (The Hundred) में अब पाकिस्तानी खिलाड़ियों का भविष्य अधर में लटक गया है। बीबीसी की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस लीग की आठ में से चार फ्रेंचाइजियों में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) मालिकों की हिस्सेदारी होने के बाद, इन टीमों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली न लगाने का मन बना लिया है।

IPL मालिकों की एंट्री और 'अलिखित नियम' का साया

दुनियाभर की टी20 लीगों में यह चलन देखा गया है कि जहां भारतीय निवेश या आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिकों की भागीदारी होती है, वहां पाकिस्तानी खिलाड़ियों को जगह नहीं मिलती। 2008 के बाद से आईपीएल में कोई पाकिस्तानी नहीं खेला है। यही स्थिति दक्षिण अफ्रीका की SA20 और यूएई की ILT20 में भी देखने को मिली है।

अब द हंड्रेड की उन चार टीमों में, जिनमें आईपीएल मालिकों ने 1 अक्टूबर 2025 से अपनी हिस्सेदारी शुरू की है, पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली न लगाना एक 'अलिखित नियम' (Unwritten Rule) माना जा रहा है। एक खिलाड़ी एजेंट के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आईपीएल से जुड़ी टीमें पाकिस्तानी टैलेंट से दूरी बनाए रखेंगी।

किन टीमों में है भारतीय निवेश?

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन चार टीमों में आईपीएल फ्रेंचाइजी समूहों का मालिकाना हक या हिस्सेदारी है, उनके नाम इस प्रकार हैं:

मैनचेस्टर सुपर जाएंट्स

साउदर्न ब्रेव

एमआई लंदन (MI London)

सनराइजर्स लीड्स (Sunrisers Leeds)

नियमों के खिलाफ या व्यावसायिक रणनीति?

इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) के मुख्य कार्यकारी रिचर्ड गूल्ड और वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाया है।

समान अवसर: ईसीबी का कहना है कि उनकी भेदभाव-विरोधी नीतियां स्पष्ट हैं और वे उम्मीद करते हैं कि सभी आठ टीमें वैश्विक प्रतिनिधित्व दिखाएंगी।

भेदभाव का खतरा: चूंकि द हंड्रेड अब एक स्वतंत्र रेगुलेटर के अधीन है, इसलिए राष्ट्रीयता के आधार पर किसी खिलाड़ी को नजरअंदाज करना कानूनी पेचीदगियां पैदा कर सकता है।

1000 खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन, पाकिस्तानी दिग्गजों का क्या होगा?

इस बार नीलामी के लिए 18 देशों के लगभग 1000 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है। इनमें पाकिस्तान के शाहीन अफरीदी, शादाब खान, हारिस रऊफ, मोहम्मद आमिर और इमाद वसीम जैसे दिग्गज शामिल हैं, जो पिछले सीजनों में इस लीग का हिस्सा रह चुके हैं।