Up Kiran,Digital Desk : हरिद्वार शहर में गंगा के प्रमुख घाटों पर जलस्तर में लगातार कमी देखी जा रही है। यह स्थिति न केवल श्रद्धालुओं के लिए, बल्कि तीर्थयात्रियों के लिए भी मुश्किलें पैदा कर रही है। कई घाटों पर पानी इतनी कमी आ गई है कि श्रद्धालुओं के लिए गंगा स्नान करने लायक जल ही उपलब्ध नहीं है। यह संकट खासकर उन घाटों पर अधिक देखने को मिल रहा है जो तीर्थयात्रियों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
गंगा में पानी की कमी के कारण बढ़ी असुविधा
भागीरथी बिंदु से लेकर भीमगोड़ा और कांगड़ा घाट तक गंगा के जलस्तर में निरंतर गिरावट हो रही है। इन घाटों पर पानी की जगह अब सूखी रेत और पत्थर ही दिखाई दे रहे हैं। श्रद्धालुओं को गंगा तक पहुंचने के लिए अधिक गहरे स्थानों तक उतरना पड़ रहा है, जिससे सामान्य स्नान और धार्मिक कार्यों में दिक्कत हो रही है।
इसी प्रकार, श्मशान घाटों पर भी अंतिम संस्कार जैसे धार्मिक कर्तव्यों के निर्वाह में कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं। इस जल संकट का प्रभाव न केवल आम स्नान पर पड़ा है, बल्कि उन संस्कारों पर भी असर डाल रहा है जो जीवन के अंतिम क्षणों में अहम माने जाते हैं।
प्रभावित घाटों की लिस्ट
गंगा के जलस्तर में गिरावट की स्थिति प्रमुख घाटों पर भी स्पष्ट रूप से देखी जा रही है। इनमें भागीरथी बिंदु के एक नंबर घाट, शिव की पैड़ी, रस्तोगी घाट, लोकनाथ घाट, शालिग्राम घाट, वेद निकेतन घाट, श्मशान घाट, दुर्गा घाट, पंजाब सिंह क्षेत्र घाट, निर्धन कीर्तन घाट, शताब्दी घाट और पार्वती घाट जैसे प्रमुख घाट शामिल हैं। इन घाटों पर पानी की कमी के कारण न केवल स्नान में रुकावट आ रही है, बल्कि अन्य धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
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