यरुशलम की मस्जिद अल अक्सा बहुत विवादित है। यह मस्जिद टेंपल माउंट की साइट पर बनी है। इसे अल अक्सा कंपाउंड या हराम शरीफ कहा जाता है। मुस्लिमों में इस मस्जिद को काफी अहम मानते हैं।
इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गाविर ने पूर्वी यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद परिसर के फ्लैशपॉइंट पवित्र जगह का दौरा किया। मध्य पूर्व के मुस्लिम मुल्कों ने उनकी यात्रा की निंदा की है। फिलिस्तीनी प्रेसिडेंट के प्रवक्ता नबील अबू रुदिनेह ने बेन-गाविर की अल-अक्सा की यात्रा की निंदा की। 5 वर्ष में यह पहली बार है जब किसी इजरायली मंत्री ने अल-अक्सा मस्जिद का दौरा कर फिलिस्तीन, अरब देशों और यूएन को चुनौती दी है। इसके बाद जॉर्डन ने अम्मान में इस्राइल के राजदूत को तलब किया और इस तरह के सभी उल्लंघनों को फौरन बंद करने की सख्त चेतावनी दी।
यूएसए ने धमकाया
इजराइली मंत्री ने आगे कहा, 'इजरायल के अफसरों ने अल-अक्सा में मौजूदा ऐतिहासिक और कानूनी वास्तविकता में बदलाव करने के प्रयास कर रहे हैं, मगर वह इन प्रयासों में कभी सफल नहीं हो सकेंगे।' उन्होंने वार्निंग दी कि यरूशलेम और इसके पवित्र स्थल एक रेड लाइन हैं, जिसे पार नहीं किया जा सकता।
फिलिस्तीनी पीएम ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण के हफ्तेवार कैबिनेट को बताया कि इस्लाम में तीसरा सबसे पवित्र स्थल अल-अक्सा मस्जिद परिसर में बेन-गवीर का दौरा फिलिस्तीनी लोगों के लिए एक गंभीर चुनौती है। गाजा पट्टी के सत्तारूढ़ गुट हमास के एक प्रवक्ता हेजेम कासेम ने एक बयान में इजरायली मंत्री की यात्रा की निंदा करते हुए कहा कि फिलिस्तीनी लोग अपने पवित्र स्थलों व अल-अक्सा मस्जिद की हिफाजत करना जारी रखेंगे
यूएसए ने भी कहा है कि यदि इजरायल ने इस मस्जिद की यथास्थिति को बदलने का प्रयास किया तो फिर ठीक नहीं होगा।




