img

Up kiran,Digital Desk : जो सोनू सूद सबकी मदद के लिए जाने जाते हैं... जो 'द ग्रेट खली' अच्छे-अच्छों को धूल चटा देते हैं... क्या आप सोच सकते हैं कि इन दोनों को भी कोई ठग सकता है? जी हाँ, कानपुर पुलिस के हत्थे एक ऐसा ही 'महाठग' चढ़ा है, जिसका नाम है रवींद्रनाथ सोनी। यह कोई छोटा-मोटा ठग नहीं, बल्कि एक ऐसा शातिर खिलाड़ी है, जिसने 11 कंपनियों का मकड़जाल बिछाकर दुबई, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया तक के लोगों को अपना शिकार बनाया। और इस बार उसके जाल में सोनू सूद और द ग्रेट खली जैसी बड़ी मछलियां भी फंस गईं।

कैसे बनाया इन सेलिब्रिटीज को अपना शिकार?

कहानी किसी फिल्म की तरह है। रवींद्रनाथ सोनी ने अपनी फ़र्ज़ी निवेश कंपनी 'ब्लू चिप' और 10 अन्य कंपनियों को प्रमोट करने के लिए पहले सोनू सूद और द ग्रेट खली से एक कॉन्ट्रैक्ट किया।

  1. भरोसा जीता: उसने इन सेलिब्रिटीज को अपनी कंपनी के प्रमोशन के लिए देश-विदेश की कई जगहों पर भेजा। इससे एक ब्रांड वैल्यू बनी और लोगों को लगा कि कंपनी असली है।
  2. और फिर कर दिया खेल: जब इन सितारों को उस पर भरोसा हो गया, तो उसने इसी भरोसे की आड़ में उनसे भी 'निवेश' के नाम पर मोटी रकम हड़प ली।

कानपुर पुलिस को जब इस बात के सबूत मिले तो उनके भी होश उड़ गए। अब पुलिस इन दोनों सितारों से संपर्क करके अपने नज़दीकी थाने में FIR दर्ज कराने को कह रही है।

एक FIR और खुल गया international 'Scam-Land' का दरवाज़ा

यह पूरा मामला तब खुला जब कानपुर के कोतवाली थाने में एक छोटी सी ठगी की FIR दर्ज हुई। पुलिस ने जब रवींद्रनाथ सोनी को गिरफ्तार किया तो उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि वे एक अंतरराष्ट्रीय ठगी के साम्राज्य का धागा खींच रहे हैं।

  • ग्लोबल नेटवर्क: जांच में पता चला कि उसका जाल सिर्फ भारत तक नहीं, बल्कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया और जापान तक फैला हुआ है। कई विदेशी नागरिकों ने ईमेल के जरिए पुलिस से संपर्क साधा है और करोड़ों की ठगी की शिकायत की है।
  • ED और CBI की एंट्री: मामला अब कानपुर पुलिस के हाथ से निकलकर देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसियों के पास जाने वाला है। कमिश्नरी पुलिस शुक्रवार को इस पूरे मामले की रिपोर्ट शासन, ED (प्रवर्तन निदेशालय) और आयकर विभाग को भेज रही है, ताकि पैसे के इस अंतरराष्ट्रीय खेल की परतें खोली जा सकें।

दुबई पुलिस भी कर सकती है संपर्क

सूत्रों के मुताबिक, दुबई पुलिस पहले से ही रवींद्रनाथ सोनी के कारनामों की जांच कर रही थी। वह दुबई से भारत कैसे पहुंचा, इसकी भी जांच हो सकती है। वहीं, हरियाणा के पानीपत, लखनऊ और अलीगढ़ में भी उसके खिलाफ पहले से ही ठगी के मामले दर्ज हैं।

यह गिरफ्तारी सिर्फ एक ठग का पकड़ा जाना नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय रैकेट का पर्दाफाश है, जो ग्लैमर, भरोसे और धोखे के दम पर चल रहा था।