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Up Kiran, Digital Desk: गणेश उत्सव के दस दिनों तक हर तरफ ढोल-नगाड़ों की थाप और "गणपति बप्पा मोरया" के जयकारे गूंजते रहते हैं। यह खुशियों और भक्ति का त्योहार है। लेकिन महाराष्ट्र के रत्नागिरी में एक परिवार के लिए यह खुशी का दिन एक झटके में मातम में बदल गया, जब गणपति विसर्जन के दौरान उनका 25 साल का बेटा नदी में डूब गया।

क्या है यह दिल दहला देने वाली घटना?

यह दर्दनाक घटना रत्नागिरी जिले के खेड़ में जागबुडी नदी के किनारे हुई। 25 वर्षीय अक्षय महेंद्र भेकरे, अपने परिवार और दोस्तों के साथ गणेश प्रतिमा का विसर्जन करने के लिए नदी पर गया था। माहौल पूरी तरह से भक्तिमय और उत्साह से भरा था।

विसर्जन के दौरान, अक्षय प्रतिमा के साथ नदी में थोड़ा गहरे पानी में चला गया। दुर्भाग्य से, वह पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लगा पाया और नदी का तेज बहाव उसे अपने साथ खींचकर गहरे पानी में ले गया। जब तक आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक वह उनकी आंखों से ओझल हो चुका था।

चीख-पुकार में बदला जश्न का माहौल

यह देखते ही वहां चीख-पुकार मच गई। जो लोग कुछ मिनट पहले तक नाच-गा रहे थे, उनकी आंखों में आंसू और चेहरे पर खौफ था। फौरन स्थानीय पुलिस और बचाव दल को इसकी सूचना दी गई।

बचाव दल ने तुरंत अपनी नावों के साथ खोज अभियान शुरू किया। लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, अक्षय का शव नदी से बरामद किया गया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। एक हंसते-खेलते परिवार का चिराग हमेशा के लिए बुझ गया था।

यह दर्दनाक घटना एक बार फिर हमें यह याद दिलाती है कि त्योहारों की खुशी और उत्साह में हमें अपनी और अपने प्रियजनों की सुरक्षा को कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। एक छोटी सी लापरवाही ने एक पूरे परिवार की खुशियों को हमेशा के

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