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Up Kiran, Digital Desk: ओडिशा की राजनीति में इन दिनों बीजू जनता दल (BJD) के लिए कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है। एक दिन पहले ही रायगड़ा में पार्टी के दो बड़े नेताओं ने पार्टी छोड़ी थी, और अब जाजपुर जिले में BJD को एक और करारा झटका लगा है। यहां पंचायत स्तर के करीब 70 सरपंच और समिति सदस्य बुधवार को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हो गए।

क्यों टूटा BJD का किला: यह बड़ी राजनीतिक टूट-फूट धर्मशाळा ब्लॉक में हुई है, जिसे कभी BJD का अभेद किला माना जाता था। पार्टी छोड़ने वाले ज्यादातर नेता BJD के जमीनी कार्यकर्ता थे। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की वजह धर्मशाळा ब्लॉक के BJD अध्यक्ष प्रवत कुमार बलबंतराय के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव है। प्रवत, पूर्व विधायक प्रणब बलबंतराय के भाई हैं और उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से ठीक दो दिन पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

नेताओं का छलका दर्द: पार्टी क्यों छोड़ी? इस सवाल पर गढ़मधुपुर ग्राम पंचायत के सरपंच रवींद्रनाथ सेठी का दर्द साफ झलकता है। उन्होंने कहा, "हम पूर्व विधायक प्रणब बलबंतराय के कट्टर समर्थक हुआ करते थे। लेकिन पिछला चुनाव हारने के बाद उन्होंने हमसे कोई वास्ता ही नहीं रखा। इसीलिए, हमें जिन लोगों ने चुनकर भेजा है, उनके हितों को ध्यान में रखते हुए हमने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया।"

कभी BJD का गढ़ रहे धर्मशाळा में इतने सारे कार्यकर्ताओं का एक साथ पार्टी छोड़कर बीजेपी में जाना यह बताता है कि इलाके में अब BJD की पकड़ कमजोर हो रही है।