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Up kiran,Digital Desk : पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में जारी भारी तनाव और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को स्पष्ट किया कि भारत के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आपूर्ति को लेकर घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। सरकार ने दावा किया है कि अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (एलपीजी) की उपलब्धता पूरी तरह सामान्य बनी रहेगी।

रिफाइनरियां फुल स्पीड पर, 60 दिनों का स्टॉक मौजूद

मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, देश की सभी तेल रिफाइनरियां वर्तमान में अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रही हैं। सरकार ने सुनिश्चित किया है कि देश के पास लगभग 60 दिनों का कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) रिजर्व में है। इसके अतिरिक्त, पेट्रोल और डीजल का स्टॉक भी इतनी मात्रा में है कि बाजार में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। वैश्विक संकट के दौरान भी घरेलू कीमतों को स्थिर रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है।

जनता को राहत: एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की बड़ी कटौती

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल महंगा होने का बोझ आम आदमी की जेब पर न पड़े, इसके लिए केंद्र सरकार ने कड़े विधायी कदम उठाए हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में 10 रुपये प्रति लीटर की भारी कटौती की घोषणा की है। साथ ही, घरेलू बाजार में तेल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए निर्यात पर सख्ती बढ़ा दी गई है। नई अधिसूचना के अनुसार, डीजल के निर्यात पर लेवी बढ़ाकर 55.50 रुपये और हवाई ईंधन (ATF) पर 42 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, ताकि कंपनियां देश से बाहर तेल भेजने के बजाय घरेलू जरूरतों को पूरा करें।

रसोई गैस की निर्बाध सप्लाई और केरोसिन का अतिरिक्त कोटा

आम घरों की रसोई प्रभावित न हो, इसके लिए रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के अनुसार, सप्लाई में कुछ चुनौतियों के बावजूद हर दिन लगभग 50 लाख सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, राज्यों को नियमित कोटे से अलग 48,000 किलोलीटर केरोसिन का अतिरिक्त आवंटन किया गया है। महत्वपूर्ण उद्योगों जैसे दवा और खाद्य वितरण के लिए भी सी3 और सी4 स्ट्रीम की आपूर्ति रोजाना 800 मीट्रिक टन सुनिश्चित की गई है।

समुद्र में सुरक्षित हैं भारतीय नाविक, शिपिंग कंट्रोल रूम सक्रिय

शिपिंग मंत्रालय ने अपडेट जारी करते हुए बताया कि पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण समुद्री इलाकों में मौजूद सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई अनहोनी नहीं हुई है। अब तक 2,084 भारतीय नाविकों को सुरक्षित घर वापस लाया जा चुका है। शिपिंग नियंत्रण कक्ष 24 घंटे काम कर रहा है और भारत के सभी बंदरगाहों पर माल की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से एलपीजी जहाज 'जग विक्रम' सुरक्षित निकल चुका है और आपूर्ति शृंखला मजबूत है।