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Up Kiran,Digital Desk: पाकिस्तान में रेलवे सुरक्षा फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार रात सिंध प्रांत के जैकोबाबाद जिले में एक बड़ा धमाका हुआ, जिससे जाफर एक्सप्रेस को भारी नुकसान हुआ। यह ट्रेन पेशावर से क्वेटा जा रही थी, और धमाका इतना भयानक था कि इसके चार डिब्बे पटरी से उतर गए। इसके अलावा, ट्रैक को भी गंभीर नुकसान पहुंचा। इस हमले ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को एक बार फिर उजागर किया है।

सड़क सुरक्षा से रेलवे तक की चुनौती

यह घटना अबाद रेलवे स्टेशन के पास सुल्तानकोट और जैकोबाबाद के बीच हुई। धमाके के दौरान जाफर एक्सप्रेस की गति धीमी थी, जो एक तरह से एक राहत थी। इस कारण किसी भी यात्री को चोट नहीं आई। हालांकि, यह तथ्य रेलवे सुरक्षा की कई समस्याओं को रेखांकित करता है। ट्रेन के डिब्बे पलट गए, लेकिन किसी को गंभीर चोटें नहीं आईं। ट्रैक का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके कारण इस मार्ग पर रेल यातायात रुक गया।

सुरक्षा को लेकर सरकार के लिए बड़ी चुनौती

धमाका उस समय हुआ जब ट्रेन के एक बिजली वाले वैगन के पास बम रखा गया था। इस घटना ने न केवल रेलवे कर्मचारियों बल्कि स्थानीय लोगों को भी चिंता में डाल दिया है। सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं, और क्षेत्र को घेर लिया। यह घटना इस बात की पुष्टि करती है कि पाकिस्तान के रेल नेटवर्क को लगातार खतरा है, खासकर ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में जहां आतंकवाद और अलगाववादी गतिविधियों का खतरा बढ़ता जा रहा है।

जाफर एक्सप्रेस पर यह हमला पहला नहीं है

जाफर एक्सप्रेस पहले भी हमलों का शिकार हो चुकी है। पिछले साल भी इस ट्रेन को हाईजैक किया गया था और बम धमाकों का सामना करना पड़ा था। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि रेलवे सुरक्षा को लेकर सरकार के प्रयासों की कमी साफ नजर आ रही है। फिलहाल, इस ताजा धमाके की जिम्मेदारी किसी भी आतंकवादी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं।