Up Kiran,Digital Desk: बिहार सरकार ने राज्य के किसानों को अपनी आय बढ़ाने और बागवानी क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए एक नई पहल की है। इस पहल का नाम है ‘पपीता विकास योजना’, जो किसानों को पपीता की खेती की ओर प्रोत्साहित करेगी। इस योजना का उद्देश्य न केवल पारंपरिक फसलों के मुकाबले एक और विकल्प देना है, बल्कि किसानों के जीवनस्तर में सुधार लाना भी है। योजना के तहत किसानों को खेती की लागत में मदद देने के लिए 60% तक अनुदान मिलेगा, जिससे उन्हें बागवानी की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
कैसे करेगा पपीता किसानों की जिंदगी में बदलाव?
यह योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए फायदेमंद है, जो खेती में विविधता लाकर अपनी आमदनी में वृद्धि करना चाहते हैं। पपीता की खेती पारंपरिक फसलों की तुलना में जल्दी तैयार होने वाली और लाभकारी खेती है, जिसे बिहार के विभिन्न जिलों में बढ़ावा दिया जाएगा। पपीता की मांग घरेलू और वैश्विक बाजार में तेजी से बढ़ रही है, और यह किसानों के लिए एक स्थिर आय का स्रोत बन सकता है।
योजना की शुरुआत और विस्तार
यह योजना आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2026-27 तक दो सालों के लिए लागू रहेगी। बिहार के 22 जिलों में इसे लागू किया जाएगा, जिनमें भोजपुर, बक्सर, गोपालगंज, जहानाबाद, लखीसराय, मधेपुरा, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, गया, कटिहार, खगड़िया, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पश्चिम चम्पारण, पटना, पूर्वी चम्पारण, पूर्णियाँ, सहरसा, समस्तीपुर, मधुबनी और वैशाली शामिल हैं। इन जिलों के किसान पपीता की खेती के लिए इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
कितना मिलेगा अनुदान?
योजना के तहत किसानों को पपीता की खेती पर 75,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की कुल लागत का 60% अनुदान मिलेगा। इसमें केंद्र सरकार 40% और राज्य सरकार 20% (टॉप-अप) योगदान देगी, जिससे कुल मिलाकर प्रति हेक्टेयर अनुदान ₹45,000 तक पहुंचेगा। यह अनुदान दो किस्तों में वितरित किया जाएगा:
पहली किस्त: ₹27,000 प्रति हेक्टेयर (वित्तीय वर्ष 2025-26)
दूसरी किस्त: ₹18,000 प्रति हेक्टेयर (वित्तीय वर्ष 2026-27)
पौधारोपण और तकनीकी जानकारी
पपीता की खेती के लिए, किसानों को प्रति हेक्टेयर लगभग 2,500 पौधे लगाने होंगे। पौधों के बीच की दूरी 2x2 मीटर रखी जाएगी, ताकि पौधों को पर्याप्त स्थान मिल सके और वे अच्छे से विकसित हो सकें। इसके अलावा, तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अधिक प्रभावी तरीके से पपीता की खेती कर सकें।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
बिहार के किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए किसानों को उद्यान निदेशालय, कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (https://horticulture.bihar.gov.in) पर जाना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 है, जिसके बाद चयनित किसानों को यह अनुदान प्रदान किया जाएगा।

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