Up Kiran, Digital Desk: दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया में एक बार फिर हिंसा की बढ़ती लहर ने चिंता पैदा कर दी है। राजधानी बोगोटा से लगभग 300 किलोमीटर दूर गुआवियारे डिपार्टमेंट के एल रेटोर्नो इलाके में पूर्व उग्रवादी संगठन FARC से अलग हुए दो गुटों के बीच तगड़ी भिड़ंत हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संघर्ष में दोनों गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई के चलते कम से कम 27 उग्रवादी मारे गए हैं। यह घटना कोलंबिया की सुरक्षा और शांति के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकती है।
जानें क्यों हुई ये हिंसा
एल रेटोर्नो का यह क्षेत्र केवल एक सामरिक स्थान नहीं है, बल्कि यह कोकीन उत्पादन और ड्रग तस्करी के लिए भी अंतरराष्ट्रीय रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस इलाके की लड़ाई सिर्फ जमीन पर नियंत्रण पाने की नहीं, बल्कि नशे के कारोबार से होने वाली भारी कमाई पर कब्जा करने की है। जब तक कोलंबिया में ड्रग तस्करी और अवैध व्यापार का कारोबार चल रहा है, तब तक ऐसे संघर्षों की आशंका बनी रहेगी। अधिकारियों के मुताबिक, यह हिंसा हाल के महीनों में सबसे भयावह और खतरनाक रही है, जिसका असर न केवल सुरक्षा बलों बल्कि आम जनता पर भी पड़ेगा।
यह झड़प कोलंबिया के पुराने विद्रोही संगठन FARC से टूटकर बने दो गुटों के बीच हुई है। दोनों गुटों का उद्देश्य एक दूसरे से ज्यादा ताकत और संसाधन हासिल करना है।
इवान मोर्डिस्को का गुट: यह गुट अब भी हिंसा की राह पर है। इसके नेता नेस्टर ग्रेगोरियो वेरा (मोर्डिस्को) के नेतृत्व में यह समूह संघर्ष विराम के बावजूद अपनी गतिविधियों से नहीं चूका। हाल ही में मारे गए सभी 27 लड़ाके इसी गुट से थे।
कैलरक कॉर्डोबा का गुट: इस गुट का नेतृत्व अलेक्जेंडर डियाज मेंडोजा कर रहे हैं और यह गुट फिलहाल कोलंबियाई सरकार के साथ शांति वार्ता कर रहा है। लेकिन दोनों गुटों के बीच हिंसा अब भी जारी है और यह स्थिति किसी समाधान की ओर बढ़ती हुई नहीं दिखाई देती।
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