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Up Kiran,Digital Desk: उत्तर प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में सड़कों के विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने यहां के राष्ट्रीय राजमार्गों को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए 27,927 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की है। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल यातायात की सुगमता बढ़ाना है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा देना है।

सड़क के विकास से नए अवसर

इस परियोजना से बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जैसे जिलों में विकास की नई बयार बहेगी। साथ ही, पर्यटकों को प्रमुख वन्यजीव स्थल जैसे कतर्निया घाट, दुधवा और सोहेलवा तक पहुंचने में भी आसानी होगी। लगभग 153 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को आधुनिक मानकों के हिसाब से उन्नत किया जाएगा, जिससे यहां की कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार आएगा।

नया हाईवे: सुरक्षा और सुविधा का एक नया स्तर

इस सड़क मार्ग की अहमियत सिर्फ क्षेत्रीय कनेक्टिविटी तक ही सीमित नहीं है। यह बाराबंकी से बहराइच होते हुए नेपाल की सीमा के रुपईडीहा तक जाता है, जो अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। मौजूदा समय में इस मार्ग पर 20,000 से ज्यादा वाहन प्रतिदिन चलते हैं। फोर लेन से सिक्स लेन में बदलाव के बाद न केवल यातायात की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि दुर्घटनाओं की दर में भी कमी आएगी, जिससे लोगों की सुरक्षा में सुधार होगा।

सरयू नदी पर नया पुल: यातायात को मिलेगा आराम

संजय सेतु, जो कि नेपाल मार्ग पर स्थित है, अब जर्जर हो चुका है और इससे यातायात की सुरक्षा खतरे में है। इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए, इस परियोजना में सरयू नदी पर दूसरा पुल बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, सरयू, कल्याणी और शारदा सहायक नहरों पर आठ नए पुलों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकेगी।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया: एक और कदम

राष्ट्रीय उच्चमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा इस मार्ग का सर्वेक्षण पहले ही पूरा कर लिया गया है। अब इस परियोजना की क्रियान्वयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें सड़क के दोनों ओर छह लेन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। बाराबंकी से बहराइच तक के 99 किलोमीटर और बहराइच से नेपाल सीमा तक के 54 किलोमीटर हिस्से का पहले ही अनुमोदन हो चुका है।