Up Kiran, Digital Desk: राजस्थान के जोधपुर में जन्मे डॉ. अरुण सिंहवी ने भारतीय स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐसा बदलाव लाने की शुरुआत की जो आज लाखों लोगों के जीवन में प्रभाव डाल रहा है। दिल्ली के प्रतिष्ठित AIIMS से चिकित्सा की पढ़ाई करने के बाद डॉ. सिंहवी ने एक बड़ा निर्णय लिया – ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में किफायती और गुणवत्ता वाली आई-केयर सेवाएं प्रदान करना। इस विचार को साकार करने के लिए उन्होंने ASG आई हॉस्पिटल की स्थापना की।
गरीबी और चिकित्सा की असमानता: एक नज़र
भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की असमानता की एक भयावह तस्वीर डॉ. सिंहवी ने खुद अपनी आँखों से देखी थी। वह चिंतित थे कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग, जिनके पास इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते, उन्हें आँखों का इलाज करवाने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती थी। इस यात्रा के खर्च के कारण उन्हें अक्सर अपनी रोज़ी-रोटी का पैसा खर्च करना पड़ता था या फिर उधारी करनी पड़ती थी।
डॉ. सिंहवी ने इस समस्या को न केवल महसूस किया, बल्कि इसे हल करने का दृढ़ संकल्प भी लिया। उनका मानना था कि असली समस्या इलाज की कीमत में नहीं, बल्कि यात्रा और उसके खर्चों में छिपी हुई थी।
छोटे शहरों में बेहतर आई-केयर की आवश्यकता
2000 के दशक के प्रारंभ में, छोटे शहरों और गांवों में आई-केयर सेवाओं की स्थिति बहुत खराब थी। बड़े शहरों में ही उच्च गुणवत्ता वाली सर्जरी और निदान सुविधाएं उपलब्ध थीं। छोटे शहरों में या तो अच्छे अस्पताल नहीं थे या फिर वहां लंबी वेटिंग लिस्ट होती थी। डॉ. सिंहवी ने AIIMS में अपनी पढ़ाई के दौरान एक खतरनाक दृश्य देखा था – मरीज जो सुबह के पहले घंटे में अस्पताल पहुंच जाते थे और कई बार तो रात भर अस्पताल के बाहर सोते थे, यह सोचकर कि शायद अगले दिन उनका नंबर आ जाएगा।
इस अनुभव ने उनके मन में यह सवाल खड़ा किया – क्यों लोग आंखों के इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों तक यात्रा करें और रातभर अस्पताल के बाहर सोने की स्थिति में हों?
ASG हॉस्पिटल की शुरुआत
2005 में इस सवाल का उत्तर देने के लिए डॉ. सिंहवी ने जोधपुर में ASG हॉस्पिटल की स्थापना की। इस अस्पताल को किसी कॉर्पोरेट संस्था से वित्तीय सहायता नहीं मिली थी। डॉ. सिंहवी ने इसे अपनी निजी पूंजी और दृढ़ विश्वास के साथ स्थापित किया। उस समय स्वास्थ्य सेवाओं में निवेशक केवल वित्तीय लाभ की ओर देख रहे थे, जबकि डॉ. सिंहवी का लक्ष्य था – लोगों की सेहत में सुधार लाना, न कि केवल मुनाफा कमाना।

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