Up Kiran, Digital Desk: औद्योगिक विकास की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रहा खरखौदा क्षेत्र (हरियाणा) इन दिनों अचानक अपराध जगत और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सीधी टक्कर का केंद्र बनकर उभरा है. यह इलाका अब सिर्फ कारखानों के लिए नहीं बल्कि फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए भी चर्चा में है. बीते कुछ समय से, हत्या, बैंक लूट, रंगदारी जैसे गंभीर मामलों में वांछित और इनामी बदमाश जब भी इस ज़मीन पर कदम रखते हैं, पुलिस के तेज़ तर्रार दस्ते उनका सामना करने को तैयार मिलते हैं. नतीजा होता है सीधी मुठभेड़ और फिर अपराधियों की गिरफ्तारी.
इस ट्रेंड की शुरुआत तब हुई जब गैंगस्टर दीपक मान (बंबीहा गैंग से जुड़ा) की हत्या के आरोपियों को यहाँ एक बड़ी मुठभेड़ के बाद दबोचा गया. उस घटना ने खरखौदा को सुरक्षा एजेंसियों के हाई-प्रोफाइल रडार पर ला दिया. इसके बाद से तो जैसे यह सिलसिला ही चल पड़ा. दिल्ली में वारदात करके भागने वाले शार्प शूटर्स हों या हरियाणा के कुख्यात गैंग्स के सदस्य, सबको खरखौदा की पुलिस घेराबंदी का सामना करना पड़ा है. पुलिस की स्पेशल यूनिट्स और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने यहाँ कई सफल ऑपरेशन किए हैं.
पुलिस की लगातार कार्रवाई यह दर्शाती है कि खरखौदा में अपराधियों का सक्रिय होना और पुलिस द्वारा उनका पकड़ा जाना दोनों ही समानांतर चल रहे हैं. एक तरफ जहाँ पुलिस की मुस्तैदी तारीफ के काबिल है, वहीं दूसरी ओर यह भी साफ है कि बदमाश इस तेज़ी से विकसित होते क्षेत्र को अपनी सुरक्षित पनाहगाह बनाने की कोशिश कर रहे हैं. औद्योगिक पहचान बना रहा यह कस्बा, अब गैंगवार और अपराधियों की शरणस्थली बनने की चुनौती से जूझ रहा है. यह स्थिति पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार दोनों के लिए एक गहन चिंता का विषय है.
खरखौदा में हालिया बड़ी मुठभेड़ें: एक नज़र
7 नवंबर: रोहतक के बलियाना में पिता-पुत्र की सनसनीखेज हत्या के कुछ ही घंटों बाद, एसयूएजी सोनीपत और क्राइम यूनिट वन ने खरखौदा में दो आरोपी हिमांशु और सन्नी को मुठभेड़ के बाद काबू किया.
3 अक्टूबर: छिन्नौली मार्ग पर हुई मुठभेड़ के बाद सीआरपीएफ जवान कृष्ण की हत्या के आरोपी निशांत और अजय को एसयूएजी और क्राइम यूनिट गोहाना ने पकड़ा.
28 जून: कुख्यात इनामी बदमाश रवि उर्फ लांबा (जिस पर 12 केस दर्ज थे) को खरखौदा बाईपास पर एसयूएजी सोनीपत की टीम ने सुबह-सुबह हुई मुठभेड़ में घेर लिया.
12 जुलाई: हिमांशु भाऊ गैंग के तीन लाखों रुपये के इनामी शूटरों (आशीष, विक्की रिढ़ाना और सन्नी गुज्जर) को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच और एसटीएफ सोनीपत की संयुक्त टीम ने मटिंडू मार्ग पर लंबी मुठभेड़ के बाद मार गिराया. ये शूटर गोहाना और हिसार में गोलीबारी समेत कई संगीन वारदातों में वांछित थे.
5 जुलाई 2024: कुंडली के एचडीएफसी बैंक कैशवैन लूट (38 लाख रुपये) के आरोपी दीपक को बरोणा-रोहणा के बीच पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पकड़ा गया.
3 फरवरी 2024: हिमांशु भाऊ गैंग के तीन गुर्गों (साजिद खान, सौरव, जतीन) को रोहतक और सोनीपत एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गोहाना गोलीबारी मामले में बरोणा गांव में घेरकर काबू किया.
2 अक्टूबर 2023: बंबीहा गैंग से जुड़े दीपक मान की हत्या के मामले में वांछित गोल्डी बराड़ गैंग के चार बदमाशों (जसबीर, मंजीत, चेतन व औजस्व) को सिसाना के पास एसयूएजी सोनीपत ने मुठभेड़ के बाद पकड़ा था.




