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Up Kiran,Digital Desk: आजकल के समय में जहां मोबाइल फोन हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुका है, वहीं शॉर्ट वीडियो, या रील्स, ने सभी उम्र के लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। यह आदत अब इतनी आम हो गई है कि लोग घंटों तक इन वीडियो में खोए रहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस डिजिटल मनोरंजन का असर हमारी शारीरिक सेहत पर क्या पड़ता है?

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर उम्र पर असर

आजकल बच्चे, युवा और वृद्ध, सभी रील्स देखने की आदत से जुड़ गए हैं। यह देखने में एक सामान्य गतिविधि लगती है, पर इसके दीर्घकालिक प्रभावों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यही आदत धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की वजह बन सकती है, विशेष रूप से गर्दन और रीढ़ की हड्डी से संबंधित बीमारियों की।

गर्दन की समस्याएं—क्या है असली कारण?

जब हम मोबाइल पर रील्स देखते हैं, तो हमारी गर्दन स्वाभाविक रूप से झुक जाती है, जो शरीर पर भारी दबाव डालता है। सामान्य स्थिति में हमारे सिर का वजन करीब 5 किलो होता है, लेकिन जैसे ही सिर झुकता है, यह दबाव कई गुना बढ़ जाता है। लंबे समय तक इस झुकी हुई स्थिति में रहना, मांसपेशियों और नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जो कि सर्वाइकल स्पाइन की समस्याओं को जन्म दे सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, रील्स देखने की आदत में लोग अक्सर एक ही स्थिति में बैठे या लेटे रहते हैं, जिससे गर्दन और कंधों की मांसपेशियां तनावपूर्ण हो जाती हैं। इस प्रकार की स्थिति से धीरे-धीरे दर्द और अकड़न उत्पन्न होती है। यह दर्द कभी कंधों और बाजुओं तक फैल सकता है, जो दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों को भी प्रभावित करने लगता है।

रीढ़ की हड्डी पर भी असर

गर्दन ही नहीं, रील्स की आदत का असर हमारी रीढ़ की हड्डी पर भी पड़ता है। जब हम गलत तरीके से बैठते हैं या झुके रहते हैं, तो रीढ़ की प्राकृतिक स्थिति बिगड़ने लगती है। इस स्थिति को चिकित्सा जगत में सर्वाइकल स्पाइन डिसऑर्डर कहा जाता है। यदि इसे समय रहते ठीक न किया जाए तो यह समस्या स्थायी हो सकती है, और गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है।

दिमाग और आंखों पर दबाव

रील्स का लगातार देखना न केवल शारीरिक दर्द का कारण बनता है, बल्कि दिमाग और आंखों पर भी बुरा असर डालता है। लंबे समय तक स्क्रीन को देखना, आंखों में जलन और थकावट का कारण बन सकता है। इसके अलावा, दिमाग पर भी एक तरह का मानसिक दबाव उत्पन्न होता है, क्योंकि वह कभी आराम नहीं करता। यह संतुलन बिगड़ने से शरीर में तनाव बढ़ता है और मांसपेशियों में दर्द की समस्या और गहरी हो जाती है।

संभावित दिक्कतें और उपचार

जब हम रील्स को देखे जाते हैं, तो सिरदर्द, चक्कर आना, और कभी-कभी हाथों में झनझनाहट जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। यह सब नसों पर पड़े दबाव का संकेत है। यदि इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो बाद में दवाइयों या फिजियोथेरेपी की आवश्यकता हो सकती है।

उपाय और सावधानियां

आराम करें: यदि आप लंबे समय तक रील्स देखते हैं, तो बीच-बीच में गर्दन और कंधों को स्ट्रेच करना जरूरी है।

सही पोस्चर अपनाएं: जब भी आप मोबाइल का इस्तेमाल करें, तो अपने सिर और गर्दन को सीधा रखें। एक आरामदायक जगह पर बैठने या लेटने की कोशिश करें।

ब्लू लाइट से बचें: लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नियमित अंतराल पर स्क्रीन से ब्रेक लें।