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Up kiran,Digital Desk : इंजरी, आराम और लंबे इंतजार के बाद... आखिरकार भारत का सबसे बड़ा ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या मैदान पर लौट आया है, और वो भी अपने जाने-पहचाने तूफानी अंदाज में!

चोट के कारण लंबे समय से क्रिकेट से दूर चल रहे हार्दिक ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बड़ौदा के लिए खेलते हुए पंजाब के खिलाफ ऐसी धमाकेदार पारी खेली, जिसे देखकर फैंस झूम उठे। इस मैच ने यह भी साफ कर दिया है कि हार्दिक अब साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली T20 सीरीज के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।

बल्ले से 'आग', गेंद से 'पानी'!

  • बल्ले से मचाई तबाही: हार्दिक ने क्रीज पर आते ही पंजाब के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में 77 रनों की विस्फोटक पारी खेली। इस पारी में उन्होंने गेंद को 11 बार बाउंड्री के पार भेजा, जिसमें 7 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल थे।
  • गेंदबाजी रही फीकी: लेकिन, जब गेंदबाजी की बारी आई, तो कहानी थोड़ी बदल गई। हार्दिक थोड़े महंगे साबित हुए और अपने 4 ओवर में 52 रन लुटा दिए। हालांकि, उन्हें एक विकेट जरूर मिला।

भले ही गेंदबाजी में धार थोड़ी कम दिखी, लेकिन बड़ौदा की टीम को जीत मिली, और सबसे बड़ी बात यह रही कि हार्दिक ने मैदान पर पूरा समय बिताया, जो उनकी फिटनेस का सबसे बड़ा सबूत है।

क्यों थी यह वापसी इतनी अहम?

हार्दिक पांड्या आखिरी बार सितंबर में हुए एशिया कप में खेले थे, जहां वह श्रीलंका के खिलाफ चोटिल हो गए थे और फाइनल से भी बाहर हो गए थे। तब से ही उनकी फिटनेस को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।

टीम इंडिया के लिए 'संजीवनी' हैं हार्दिक

T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले हार्दिक की यह वापसी टीम इंडिया के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है।

  • परफेक्ट बैलेंस: जब हार्दिक टीम में होते हैं, तो वह एक प्रॉपर बल्लेबाज और एक प्रॉपर तेज गेंदबाज, दोनों की भूमिका निभाते हैं।
  • टीम के 'X-Factor': उनके रहने से टीम को एक गजब का संतुलन मिलता है और प्लेइंग इलेवन में एक अतिरिक्त खिलाड़ी को शामिल करने का मौका मिलता है।

यह साफ है कि हार्दिक की फिटनेस टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उनका बल्ला चला तो आग लगा देगा, बस अब उम्मीद यही है कि गेंदबाजी में भी वह अपनी पुरानी लय जल्द ही हासिल कर लेंगे।