
election change in us: यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप ने एक नया एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी कर चुनावी प्रक्रिया में बड़े बदलाव की शुरुआत की है। इस आदेश के तहत अब अमेरिकी नागरिकों को वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए अपनी नागरिकता का प्रमाण देना होगा। ट्रंप का कहना है कि यह कदम चुनावी धोखाधड़ी को जड़ से खत्म करने के लिए उठाया गया है। आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए उन्होंने कहा, “‘चुनावी धोखाधड़ी’—आपने यह शब्द सुना होगा। मैं इसे खत्म करने जा रहा हूं।”
क्या है यह नया नियम?
ट्रंप सरकार के मुताबिक, इस एग्जीक्यूटिव ऑर्डर का मकसद मतदाता सूची में अवैध रूप से शामिल अप्रवासियों को बाहर करना है। 2020 के चुनाव में अपनी हार के बाद ट्रंप ने फर्जी मतदान को इसका कारण बताया था, हालांकि इस दावे को लेकर कोई ठोस सबूत सामने नहीं आए। नए नियमों के तहत वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज दिखाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, मेल-इन बैलट की समय सीमा सख्त की गई है- इलेक्शन खत्म होने के बाद मिलने वाले बैलट को अवैध माना जाएगा।
आदेश में प्रदेशों से सहयोग की अपील की गई है। ट्रंप सरकार चाहती है कि राज्य अपनी वोटर लिस्ट संघीय सरकार के साथ साझा करें और चुनावी अपराधों की जांच में मदद करें। सबसे सख्त प्रावधान ये है कि नियमों का पालन न करने वाले राज्यों की फंडिंग में कटौती की जा सकती है। ट्रंप ने भारत और ब्राजील का उदाहरण देते हुए कहा कि ये देश बायोमीट्रिक डेटाबेस से मतदाताओं की पहचान जोड़ रहे हैं, तो वहीं अमेरिका अभी भी सेल्फ-अटेस्टेशन पर निर्भर है। मतलब भारत के मुकाबले हम लोग पुराने तरीके पर लटके हैं।