UP Kiran,Digital Desk: आजकल की भागदौड़ भरी ज़िंदगी और असंतुलित खानपान के कारण फैटी लिवर जैसी गंभीर समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। जब लिवर में अनावश्यक वसा का संचय होने लगता है, तो यह शरीर की प्राकृतिक कार्यप्रणाली को प्रभावित करने लगता है। अगर समय रहते इसकी पहचान नहीं की जाती और उपचार नहीं किया जाता, तो यह गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि उचित आहार और जीवनशैली में बदलाव से फैटी लिवर पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
फैटी लिवर से बचने के लिए 5 फायदेमंद आहार:
पत्तेदार हरी सब्जियां
पालक, ब्रोकोली और मेथी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां लिवर को शुद्ध करने और स्वस्थ रखने में मदद करती हैं।
ओमेगा-3 फैटी एसिड युक्त आहार
अलसी, अखरोट और मछली (विशेष रूप से सैल्मन) जैसे खाद्य पदार्थ लिवर में सूजन को कम करते हैं और इसके कार्य को बेहतर बनाते हैं।
ग्रीन टी
ग्रीन टी में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं और फैटी लिवर के जोखिम को कम करते हैं।
जैतून का तेल
जैतून का तेल एक बेहतरीन हेल्दी फैट का स्रोत है, जो न केवल लिवर को सुरक्षित रखता है, बल्कि यह कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी नियंत्रित करता है।
स्वस्थ फल
सेब, जामुन और बेरीज जैसे फल लिवर को मजबूत बनाने के साथ-साथ शरीर में फाइबर की कमी भी दूर करते हैं।
फैटी लिवर के जोखिम को बढ़ाने वाली 5 चीजें:
ज्यादा तैलीय और तले हुए भोजन
अत्यधिक तैलीय खाद्य पदार्थ लिवर में वसा के संचय को बढ़ाते हैं, जिससे इसका कार्य प्रभावित होता है।
अल्कोहल का अत्यधिक सेवन
शराब का सेवन सीधे तौर पर लिवर को नुकसान पहुंचाता है और फैटी लिवर की स्थिति को और बिगाड़ सकता है।
चीनी और मीठे खाद्य पदार्थ
अधिक चीनी का सेवन लिवर में ट्राइग्लिसराइड के स्तर को बढ़ाता है, जो लिवर के लिए हानिकारक होता है।
प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड्स
इन खाद्य पदार्थों में उच्च मात्रा में सैचुरेटेड फैट और एडिटिव्स होते हैं, जो लिवर की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं।
रेड मीट और उच्च वसा वाले डेयरी उत्पाद
ये खाद्य पदार्थ लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं और इनके अधिक सेवन से लिवर पर अधिक बोझ पड़ता है।



_1408935244_100x75.png)
_1496622266_100x75.png)