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UP Kiran,Digital Desk: योगी सरकार ने एक अहम कदम उठाते हुए हल्के दोपहिया वाहनों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की न्यूनतम आयु 16 साल तक घटाने पर विचार किया है। इस कदम का उद्देश्य युवा ड्राइवरों को कानून के तहत प्रशिक्षित करना और सड़क सुरक्षा में सुधार लाना है। वर्तमान में, 18 साल से कम उम्र के किशोरों को ड्राइविंग लाइसेंस नहीं दिया जाता, जिसके कारण कई युवा सड़क पर बिना लाइसेंस के वाहन चलाते हैं। इस प्रस्तावित बदलाव से उन्हें लाइसेंस प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और वे सड़क पर वाहन चलाने से पहले जरूरी ट्रैफिक नियमों को समझ सकेंगे।

योजना के तहत क्या होगा?

यूपी सरकार का प्रस्ताव है कि 16 साल के किशोर अब लर्निंग और ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें दोपहिया वाहन चलाने का अधिकार मिलेगा। इसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेने की प्रक्रिया शुरू की गई है। यदि अनुमति मिल जाती है, तो राज्य सरकार इस व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक तैयारियों में जुट जाएगी।

सड़क सुरक्षा पर खास जोर

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने हाल ही में विधानसभा में यह जानकारी दी कि सड़क दुर्घटनाओं की दर को कम करने और सुरक्षा में सुधार करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इस दिशा में अवैध कट्स को बंद करना, दुर्घटनाओं में कमी लाने और ट्रैफिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों पर जोर दिया गया है।

नए अधिकारियों की नियुक्ति

सड़क सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए परिवहन विभाग में नए पदों की सृजन की योजना बनाई गई है। इसमें 36 एआरटीओ और 351 सहायक मोटर यान निरीक्षक शामिल हैं, जिन्हें प्रमुख शहरों और जिलों में तैनात किया जाएगा। ये अधिकारी वाहन निरीक्षण और सड़क सुरक्षा अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे, जिससे सड़क पर अनुशासन और सुरक्षा में सुधार होगा।