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Up Kiran, Digital Desk: हाल ही में एक अफ़ग़ान नागरिक द्वारा व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी की घटना के बाद, अमेरिका ने अफ़ग़ान पासपोर्ट धारकों के लिए सभी वीज़ा सेवाओं पर रोक लगाने का बड़ा कदम उठाया है। यह फैसला तब आया है जब एक अफ़ग़ान नागरिक ने एक अमेरिकी नेशनल गार्ड सदस्य को गोली मार दी और दूसरे को घायल कर दिया।

अमेरिकी विदेश विभाग ने इस कदम के बारे में अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि "अफ़ग़ान पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले व्यक्तियों के लिए वीज़ा जारी करने पर तत्काल रोक लगा दी गई है।" इस फैसले को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देने के रूप में देखा जा रहा है।

यूएससीआईएस ने शरण संबंधी सभी फैसलों पर भी लगाई रोक

अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने भी अफ़ग़ान नागरिकों के शरण संबंधी मामलों पर रोक लगाने की घोषणा की है। यूएससीआईएस के निदेशक जोसेफ बी. एडलो ने एक पोस्ट में कहा, "हम तब तक शरण के मामलों पर कोई फैसला नहीं करेंगे, जब तक हम यह सुनिश्चित नहीं कर लेते कि हर विदेशी की पूरी जांच-पड़ताल की जाए।"

ट्रम्प ने गोलीबारी को 'आतंकवादी कृत्य' करार दिया

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस घटना को "आतंकवादी कृत्य" बताते हुए कहा कि वह उन विदेशियों को निकालने का काम करेंगे जो "यहाँ के नहीं हैं।" ट्रम्प का मानना था कि अफ़ग़ान नागरिकों के साथ अमेरिका को समस्याएँ रही हैं, क्योंकि उनके अनुसार सुरक्षा जांच में कई खामियां थीं।

यह घटना 26 नवंबर को हुई थी, जब एक बंदूकधारी ने 20 वर्षीय नेशनल गार्ड सदस्य सारा बेकस्ट्रॉम और उनके साथी गार्ड्समैन 24 वर्षीय एंड्रयू वोल्फ पर गोलीबारी की। यह हमला व्हाइट हाउस के नज़दीक हुआ, लेकिन उस समय ट्रम्प व्हाइट हाउस में मौजूद नहीं थे।

संदिग्ध की पहचान और अमेरिका में प्रवेश

गोलीबारी के आरोपी को पहचानते हुए होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने उसे रहमानुल्लाह लकनवाल बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, लकनवाल 2021 में अमेरिका आया था, और उसे बाइडेन प्रशासन के ऑपरेशन अलाइज़ वेलकम के तहत शरण दी गई थी। अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद, अमेरिका ने कई अफ़ग़ान नागरिकों को शरण दी थी।

आगे की जांच में यह सामने आया कि लकनवाल ने अपने घर से कई स्थानों की यात्रा की और फिर एक शक्तिशाली रिवॉल्वर से हमला किया। इस घटना के बाद ट्रम्प ने सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने की घोषणा की है।