img

Up kiran,Digital Desk : भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI 2025) का आगाज़ गोवा में 20 नवंबर को हो चुका है और यह रंगारंग आयोजन 28 नवंबर तक चलेगा। इस भव्य फेस्टिवल में दुनियाभर की बेहतरीन फिल्में दिखाई जा रही हैं। इस बार के महोत्सव में भारतीय सिनेमा के इतिहास की कुछ सदाबहार क्लासिक फ़िल्मों को भी खास तौर पर शामिल किया गया है, जिन्होंने सिनेमा के इतिहास में अपनी एक अमिट छाप छोड़ी है।

'उमराव जान' की री-रिलीज़ पर खुशी

खास बात यह है कि निर्देशक मुजफ्फर अली की मशहूर फ़िल्म 'उमराव जान' को भी इस महोत्सव में प्रदर्शित किया गया। न्यूज एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए, मुजफ्फर अली ने 'उमराव जान' की री-रिलीज़ पर अपनी खुशी ज़ाहिर की। उन्होंने कहा, "किसी फ़िल्म का दोबारा रिलीज़ होना दर्शकों और लोगों से एक नए सिरे से जुड़ने जैसा है। भले ही यह फ़िल्म 1981 में आई थी, लेकिन आज भी यह उतनी ही ताज़गी के साथ दर्शकों से जुड़ती है। इसका दोबारा रिलीज़ होना मेरे लिए भी बेहद खुशी की बात है।"

रेखा के साथ काम का अनुभव

जब मुजफ्फर अली से अभिनेत्री रेखा के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "रेखा का जोश कमाल का था। उनका किरदार और उनकी मौजूदगी अद्भुत थी। उन्होंने 'उमराव जान' के अपने किरदार को बड़ी ही मज़बूती और गहराई से निभाया।"

'गमन' की स्क्रीनिंग आज

IFFI 2025 में 81 देशों की 240 से ज़्यादा फ़िल्में दिखाई जा रही हैं। 'उमराव जान' के अलावा, इस बार बॉलीवुड की कई अन्य क्लासिक फ़िल्मों को भी खास तौर पर दिखाया जा रहा है। इनमें गुरु दत्त की 'प्यासा' और ऋत्विक घटक की 'सुवर्णरेखा' जैसी करीब दस पुनर्स्थापित (restored) क्लासिक फ़िल्में शामिल हैं। 'उमराव जान' की स्क्रीनिंग 21 नवंबर को हुई, जबकि आज, 22 नवंबर को, मुजफ्फर अली की ही एक और महत्वपूर्ण फ़िल्म 'गमन' का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही, कल्पना लाजमी की 'रुदाली' का पुनर्स्थापित संस्करण भी आज ही दिखाया जाएगा।