Up Kiran,Digital Desk: आज सुबह से सबकी निगाहें केंद्रीय बजट पर टिकी हुई थीं, और अब जबकि बजट पेश किया जा चुका है, इसके विभिन्न पहलुओं पर चर्चा शुरू हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसे विकास और समावेशी प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है, लेकिन इस बजट पर प्रतिक्रियाएँ काफी मिलीजुली रही हैं। जहां एक ओर समर्थक इसे सकारात्मक मान रहे हैं, वहीं विपक्षी नेताओं ने अपनी आलोचनाएँ भी दी हैं।
बजट का समर्थन करने वाले नेताओं की प्रतिक्रिया
कंगना रनौत का समर्थन
बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने बजट के बाद अपनी उम्मीद जताते हुए कहा कि इस बजट से भारत के विकासशील राष्ट्र से एक विकसित राष्ट्र बनने का रास्ता और भी स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने वित्त मंत्री की योजनाओं को समर्थन देते हुए इसे देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।
चिराग पासवान का नजरिया
लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) के नेता चिराग पासवान ने बजट को विकास की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों और शहरीकरण पर जोर देता है, जिससे रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। उनका मानना है कि इस बजट से एक मजबूत और समृद्ध भारत की नींव रखी जाएगी।
रवि किशन की खुशी
बीजेपी सांसद रवि किशन ने फिल्म इंडस्ट्री को लेकर बजट में शामिल योजनाओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने फिल्म उद्योग को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के साथ जोड़ने की बात की है, जिससे इंडस्ट्री को नए अवसर मिलेंगे। इसके अलावा उन्होंने विपक्ष को भी तीखा संदेश दिया, कि अगर देशहित में काम नहीं किया गया तो आलोचना करना अव्यावहारिक है।
विपक्ष की आलोचनाएँ और विरोध
अखिलेश यादव का तीखा आरोप
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने बजट को लेकर सरकार पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह बजट देशवासियों को कोई राहत नहीं देने वाला है। उनके अनुसार, सरकार की नीतियाँ पहले ही लोगों को निराश कर चुकी हैं, और अब बजट भी किसी राहत की उम्मीद नहीं देता। सपा के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव ने भी बजट को निराशाजनक बताया।
इमरान मसूद का तीखा विरोध
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इस बजट में कुछ नया नहीं है। उनका मानना था कि बीजेपी सरकार पुराने उपायों को नए पैकेट में पेश कर रही है, जबकि असल में कोई बदलाव नहीं है। उन्होंने इसे "खाली डब्बा" करार दिया और कहा कि इस बार पुराने योजनाओं का भी कोई उल्लेख नहीं किया गया।
रोहिणी आचार्य की चिंता
विपक्षी नेता रोहिणी आचार्य ने बजट में युवाओं और रोजगार सृजन के मुद्दे पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस बजट में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिखता। उन्होंने विशेष रूप से बिहार जैसे राज्यों के लिए बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई के मुद्दों को गंभीरता से उठाने की जरूरत पर जोर दिया।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने भी इस बजट को लेकर सरकार पर हमला बोला और इसे "फर्जी बजट" करार दिया। पार्टी ने कहा कि मोदी सरकार के बजट ने शेयर बाजार को गिराने के अलावा कुछ नहीं किया। कांग्रेस के मुताबिक, बजट की कोई नई दिशा नहीं है और यह आम जनता के लिए निराशाजनक साबित होगा।
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