Up Kiran, Digital Desk: क्यूबा में अमेरिकी हमले और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद एक गंभीर संकट की स्थिति पैदा हो गई है। इस हमले में क्यूबा के 32 सुरक्षा अधिकारियों की मौत हुई, जिसके बाद पूरे देश में शोक का माहौल है। क्यूबा के नागरिकों के मन में यह सवाल उभर रहा है कि मादुरो सरकार के पतन का उनके देश की अर्थव्यवस्था और भविष्य पर क्या असर पड़ेगा।
क्यूबा-वेनेजुएला रिश्तों में खटास
क्यूबा और वेनेजुएला के बीच दशकों से गहरे और मजबूत रिश्ते रहे हैं। क्यूबा के सैनिक और सुरक्षा कर्मी लंबे समय से वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की सुरक्षा में तैनात थे, जबकि वेनेजुएला से क्यूबा को मिलने वाला तेल अपने कमजोर होते आर्थिक ढांचे को संभालने के लिए अहम था। इस संदर्भ में क्यूबा के नागरिक अब यह सोच रहे हैं कि इस संकट का उनका जीवन किस तरह प्रभावित होगा।
नागरिकों में डर और असमंजस
क्यूबा के लोग पहले ही अपने जीवन की कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। बिजली की बार-बार कटौती और खाद्य पदार्थों की कमी उनके लिए रोज़मर्रा की समस्याएं बन चुकी हैं। अब, मादुरो सरकार के पतन के बाद, उन्हें एक ऐसे भविष्य की चिंता सता रही है जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी। 75 वर्षीय बर्ता लूज सिएरा मोलीना ने कहा, “मेरे पास शब्द नहीं हैं, बस यह समझ नहीं पा रही हूं कि आगे क्या होगा।” वहीं 63 वर्षीय रेगिना मेंडेज ने अपने भावनाओं का इज़हार करते हुए कहा, “हमें इस समय और अधिक मजबूत होना पड़ेगा।”
तेल आपूर्ति पर संकट
क्यूबा के ऊर्जा विशेषज्ञ जॉर्ज पिनोन का कहना है कि वेनेजुएला से क्यूबा को मिलने वाला तेल इस समय बहुत महत्वपूर्ण है। पिछले तीन महीनों में, मादुरो सरकार ने औसतन 35,000 बैरल तेल प्रतिदिन क्यूबा को भेजा था, जो क्यूबा की कुल मांग का एक चौथाई था। पिनोन ने यह सवाल उठाया कि क्या अमेरिका वेनेजुएला को क्यूबा को तेल भेजने की अनुमति देगा?
इसके अलावा, पहले मेक्सिको से रोज़ाना 22,000 बैरल तेल क्यूबा पहुंचता था, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों की दखल के बाद यह आंकड़ा घटकर सिर्फ 7,000 बैरल रह गया है। इस स्थिति में मेक्सिको के क्यूबा को फिर से मदद देने की संभावना बेहद कम लगती है।
रूस: क्यूबा का आखिरी सहारा?
अमेरिकी विश्वविद्यालय में क्यूबाई अर्थशास्त्र के विशेषज्ञ रिकार्डो टोरेस का कहना है कि अगर वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति पूरी तरह से रुक गई, तो क्यूबा के लिए यह एक बड़ी आपदा साबित हो सकती है। पिनोन ने यह भी बताया कि क्यूबा के पास अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं, और अब रूस उसका आखिरी बड़ा सहयोगी है, जो क्यूबा को हर साल लगभग 20 लाख बैरल तेल भेजता है।
हालांकि, टोरेस ने यह भी सवाल उठाया कि क्या रूस वर्तमान वैश्विक संकट के बीच क्यूबा की मदद करने के लिए अमेरिका के साथ टकराव का जोखिम उठाएगा। उनका कहना था कि क्यूबा को अब अपने निजी क्षेत्र और बाजार को खोलने की जरूरत है ताकि चीन जैसी वैश्विक ताकतें उसकी मदद के लिए आगे आ सकें।
_1403467442_100x75.jpg)
_1935089650_100x75.png)
_860838867_100x75.png)
_1598920471_100x75.png)
_1884125996_100x75.png)