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Up kiran,Digital Desk : संघर्ष विराम के बीच गाजा में फिर हिंसा भड़क गई है। इस्राइली गोलीबारी में कम से कम 19 फलस्तीनी मारे गए, जिनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। अस्पताल अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। इस्राइल का दावा है कि कार्रवाई उसके सैनिकों पर पहले हुई गोलीबारी के जवाब में की गई।

हमले की वजह: सैनिकों पर फायरिंग का दावा

इस्राइली सेना के अनुसार गाजा में तैनात उनके सैनिकों पर उग्रवादियों ने गोलीबारी की, जिसमें एक रिजर्व सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद सेना ने हवाई और जमीनी यूनिट के जरिए जवाबी कार्रवाई की। सेना ने इसे संघर्ष विराम का उल्लंघन बताते हुए बताया कि सैनिकों की सुरक्षा के लिए यह आवश्यक था।

मरने वालों की संख्या और स्थिति

अस्पताल अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों में 7 महिलाएं और 5 बच्चे शामिल हैं। मृतकों में 5 महीने का शिशु और 10 दिन की बच्ची भी शामिल हैं। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष विराम लागू होने के बाद से अब तक 530 से ज्यादा फलस्तीनी इस्राइली हमलों में मारे जा चुके हैं।

हमले कहां हुए?

उत्तरी गाजा, तुफ्फाह इलाके: एक इमारत पर फायरिंग में 11 लोगों की मौत, जिनमें एक ही परिवार के कई सदस्य शामिल।

खान यूनिस, दक्षिणी गाजा: एक परिवार के टेंट पर हमला, 3 लोगों की मौत, जिनमें 12 साल का लड़का भी शामिल।

गाजा सिटी, ज़ैतून क्षेत्र: टैंक शेलिंग से 3 और लोगों की मौत, जिसमें पति-पत्नी शामिल थे।

अस्पताल और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

गाजा सिटी के शिफा अस्पताल के निदेशक ने कहा कि “गाजा के लोगों के खिलाफ युद्ध जैसे हालात जारी हैं। संघर्ष विराम का वास्तविक असर जमीन पर क्यों नहीं दिख रहा?” स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि लगातार हमलों से आम लोगों में डर और असुरक्षा बनी हुई है।

बढ़ते तनाव और सवाल

गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 71,800 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं। लगातार बढ़ती मौतों और हमलों ने संघर्ष विराम की प्रभावशीलता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।