Up Kiran,Digitl Desk: वेनेज़ुएला में अमेरिकी ख़ुफ़िया एजेंसी CIA की सीक्रेट कार्रवाई की बातें अब सिर्फ़ अफ़वाह नहीं रहीं, बल्कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस पर मुहर लगा दी है. यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. खबरों के मुताबिक, पुरस्कार मिलने के तुरंत बाद मचाडो ने ट्रंप से फोन पर बात भी की थी.
ट्रंप ने क्यों लिया था यह फ़ैसला: ट्रंप ने इस ख़ुफ़िया ऑपरेशन के पीछे दो बड़ी वजहें बताई हैं. पहला कारण वेनेज़ुएला से अमेरिका में बढ़ रही ड्रग्स की तस्करी को रोकना और दूसरा, वहां से आने वाले अपराधियों पर लगाम लगाना. टप के शब्दों में, "वेनेज़ुएला ने अपनी जेलों और मेंटल अस्पतालों को खाली करके वहां के लोगों को अमेरिका भेज दिया. हज़ारों कैदी और मानसिक रूप से बीमार लोग हमारी खुली सीमाओं का फ़ायदा उठाकर देश में घुस आए. हम उन्हें वापस भेज रहे हैं."
क्या मादुरो को सत्ता से हटाने की थी तैयारी: ट्रंप के इस बयान ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या यह मिशन सिर्फ़ ड्रग्स और अपराधियों तक सीमित था, या इसका असली मक़सद वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाना था? यह बात किसी से छिपी नहीं है कि अमेरिका निकोलस मादुरो को वेनेज़ुएला का वैध नेता नहीं मानता. इसलिए, इस ख़ुफ़िया ऑपरेशन को सत्तापलट की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है.
हालांकि, ट्रंप ने यह साफ़ नहीं किया कि क्या CIA को मादुरो को "खत्म" करने की इजाज़त दी गई थी, लेकिन उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि "वेनेज़ुएला पर दबाव महसूस हो रहा है."
इस मामले की गंभीरता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सितंबर की शुरुआत से अब तक, अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में ड्रग्स ले जा रही पाँच नावों को नष्ट कर दिया है. इनमें से चार नावों का सीधा संबंध वेनेज़ुएला से था और इन कार्रवाइयों में 27 लोग मारे जा चुके हैं.
ट्रंप के एक नए निर्देश के मुताबिक, CIA को वेनेज़ुएला के अंदर अकेले या अमेरिकी सेना के साथ मिलकर किसी भी मिशन को अंजाम देने की छूट थी. हलांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि एजेंसी ने इसके लिए कोई ठोस योजना बनाई थी या इसे सिर्फ़ एक बैकअप विकल्प के तौर पर रखा गया था.
इस पूरे मामले पर अमेरिकी कांग्रेस में भी ट्रंप को आलोचना का सामना करना पड़ा. कई सांसदों ने ट्रंप पर बिना कांग्रेस की मंज़ूरी के "युद्ध जैसा कदम" उठाने का आरोप लगाया.
_1657339646_100x75.png)
_1870294651_100x75.png)
_1769954426_100x75.png)
_800626388_100x75.png)
_1968562770_100x75.png)