Up kiran,Digital Desk : उत्तराखंड दौरे पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पैतृक गांव पंचूर (पौड़ी गढ़वाल) में रात्रि विश्राम कर भावनात्मक जुड़ाव का संदेश दिया। शनिवार सुबह गांव की गलियों में जब मुख्यमंत्री निकले तो माहौल पूरी तरह आत्मीयता से भर गया। बुजुर्गों से हालचाल, परिजनों से मुलाकात और बच्चों के साथ सहज संवाद ने स्थानीय लोगों को भाव-विभोर कर दिया।
सुबह की शुरुआत गांव के लोगों के बीच, बच्चों पर बरसा स्नेह
सुबह होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गांव में भ्रमण पर निकले। उन्होंने सबसे पहले बड़े-बुजुर्गों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना और फिर बच्चों के बीच पहुंचकर उनसे खुलकर बातचीत की। बच्चों के प्रति उनका अपनापन देखते ही बनता था। उन्होंने बच्चों को दुलारा, चॉकलेट बांटी और एक बच्चे को गोद में लेकर प्यार से खिलाया। बच्चों ने भी बिना झिझक मुख्यमंत्री से बात की, जिससे माहौल और भी सहज हो गया।
सेल्फी से लेकर मुस्कान तक, गांव में दिखी अपनत्व की तस्वीर
मुख्यमंत्री के गांव पहुंचने की खबर मिलते ही आसपास के लोग भी उनसे मिलने पहुंचे। किसी ने सेल्फी ली तो किसी ने हालचाल पूछा। योगी आदित्यनाथ की सादगी, विनम्रता और सरल व्यवहार ने हर किसी को प्रभावित किया। परिजनों से मुलाकात के बाद उन्होंने गांव के परिचितों और ग्रामीणों से भी संवाद किया और सभी से आत्मीय अंदाज में बात की।
‘हम भी तेरे दादा लगते हैं’—एक मासूम पल जिसने सबका दिल छू लिया
गांव भ्रमण के दौरान एक बच्चे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को फूल भेंट किया। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने उस मासूम को खाने का सामान दिया। बच्चे ने वह सामान पास खड़े अपने दादा को दे दिया। यह देख मुख्यमंत्री मुस्कुराए और प्यार भरे अंदाज में बोले—‘हम भी तेरे दादा लगते हैं।’ यह छोटा सा संवाद गांव में चर्चा का विषय बन गया और मुख्यमंत्री के मानवीय चेहरे को सामने ले आया।
गांव में रहने और खेती से जुड़े रहने का दिया संदेश
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीणों को गांव में रहकर खेतीबाड़ी और स्थानीय संसाधनों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गांव आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव हैं और युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़े रहना चाहिए।


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