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Up Kiran,Digital Desk: राजस्थान में मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है, जिससे राज्य के नागरिकों को अगले कुछ दिनों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने शनिवार को राज्य के 12 जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इस बदलते मौसम का असर जयपुर और कोटा सहित अन्य जिलों में देखा जा सकता है, जहां सुबह से ही बादल आ गए हैं।

सर्दी में मिली राहत, लेकिन नए विक्षोभ से बढ़ सकती है परेशानी

हालांकि शुक्रवार को प्रदेश भर में सर्द हवाओं का असर कम हुआ था और लोग कुछ राहत महसूस कर रहे थे, लेकिन एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मौसम में फिर से उतार-चढ़ाव देखा जाएगा। उत्तर दिशा से आने वाली सर्द हवाओं के कमजोर पड़ने के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। राजस्थान के कई क्षेत्रों में तापमान में यह वृद्धि महसूस की गई, खासकर जोधपुर, पाली, जालोर और बाड़मेर में, जहां अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया।

क्या होगा असर: 31 जनवरी से शुरू होगा नया विक्षोभ

मौसम विभाग के मुताबिक, 31 जनवरी से 1 फरवरी तक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के विभिन्न जिलों में देखा जाएगा। इस दौरान प्रदेश के उदयपुर, कोटा, जयपुर, भरतपुर और अजमेर में हल्के से मध्यम बारिश की संभावना है, साथ ही कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। यह विक्षोभ खासतौर पर मौसम के शौकीनों और खेतीबाड़ी से जुड़े लोगों के लिए अहम होगा, क्योंकि यह बारिश और ओलावृष्टि फसल पर प्रभाव डाल सकती है।

तापमान में वृद्धि और राहत की उम्मीद

राजस्थान के कई जिलों में सर्दी में कुछ राहत मिल रही है। कोटा में पिछले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में लगभग 5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई। शनिवार को कोटा में न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि हल्के बादल भी छाए हुए हैं। वहीं, बीकानेर, श्रीगंगानगर, जयपुर, पिलानी, फतेहपुर और दौसा सहित कई अन्य स्थानों पर भी न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री तक का इजाफा हुआ है।

सिरोही में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति धीमी होने के कारण सुबह और शाम की सर्दी में भी कमी आई है, जिससे लोगों को राहत मिली है।