Up kiran,Digital Desk : भारतीय क्रिकेट में 2017 का कप्तानी बदलाव एक बड़ा और संवेदनशील फैसला था। अब पूर्व चयनकर्ता Jatin Paranjape ने खुलासा किया है कि चयन समिति ने सम्मानपूर्वक बातचीत कर MS Dhoni से सीमित ओवरों की कप्तानी छोड़ने का अनुरोध किया था।
कैसे हुई बातचीत?
परांजपे के मुताबिक, वह और तत्कालीन मुख्य चयनकर्ता MSK Prasad पहले ही इस निष्कर्ष पर पहुंच चुके थे कि टीम को आगे बढ़ाने के लिए नेतृत्व परिवर्तन सही समय पर होना चाहिए। उन्होंने बताया कि धोनी से बेहद आदर के साथ कहा गया—अब बदलाव का समय है।
धोनी ने इस पर किसी तरह की नाराजगी नहीं जताई, बल्कि फैसले से सहमति व्यक्त की। जब उनसे लिखित रूप में पद छोड़ने को कहा गया तो उन्होंने तुरंत हामी भरी और ईमेल के जरिए औपचारिक रूप से कप्तानी छोड़ने की सूचना दे दी।
कोहली को पूरा समर्थन
धोनी ने नए कप्तान Virat Kohli को पूरा सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। परांजपे के अनुसार, धोनी ने कहा कि वह अपने अनुभव से टीम को मजबूत बनाने में मदद करेंगे और कोहली के साथ पूरी तरह खड़े रहेंगे।
महानता की पहचान
35 वर्ष की उम्र तक धोनी भारत को वनडे विश्व कप, टी20 विश्व कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे सभी बड़े आईसीसी खिताब दिला चुके थे। 2020 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी वह आईपीएल में सक्रिय हैं।
2017 का यह बदलाव किसी टकराव का परिणाम नहीं, बल्कि पेशेवर सोच और टीम के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय था—और धोनी का शांत, टीम-फर्स्ट रवैया उनकी विरासत को और ऊंचा करता है।




