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Up Kiran,Digital Desk :  भारत के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार, अशोक चक्र, रविवार को ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने शांति काल में अपार साहस और वीरता का प्रदर्शन किया हो। शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर जाकर न केवल भारतीयों का गौरव बढ़ाया, बल्कि वे इस क्षेत्र में एक नया मील का पत्थर भी बने। अंतरिक्ष में 18 दिन बिताने वाली उनकी यात्रा Axion-4 मिशन का हिस्सा थी, और वे भारत के दूसरे अंतरिक्ष यात्री हैं। इससे पहले राकेश शर्मा ने 41 साल पहले अंतरिक्ष यात्रा की थी।

भारतीय सशस्त्र बलों के वीरों को मिले सम्मान

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कुल 70 सैनिकों को 301 सैन्य और वीरता पुरस्कार देने की घोषणा की है। इसमें से कई नाम प्रमुख हैं:

अशोक चक्र: 1

कीर्ति चक्र: 3

शौर्य चक्र: 13 (जिसमें एक मरणोपरांत)

सेना मेडल (वीरता): 44

नौसेना मेडल: 6

वायु सेना मेडल: 2

यह सम्मान भारतीय सशस्त्र बलों के साहसिक कार्यों और युद्धकला में उत्कृष्टता को प्रदर्शित करता है। इन वीरों का समर्पण और बलिदान न केवल देश की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं, बल्कि यह युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी बनते हैं।

महिला अधिकारियों का अभूतपूर्व योगदान

भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारी, लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए, को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। इन दोनों अधिकारियों ने INSV तारिणी पर आठ महीने की समुद्री यात्रा पूरी की और करीब 40,000 किलोमीटर की यात्रा कर इतिहास रचा। यह यात्रा न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है, बल्कि भारतीय नौसेना की ताकत और क्षमताओं को भी विश्वभर में रेखांकित करती है।

अंतरिक्ष में भारत का नया आयाम

अशोक चक्र से सम्मानित शुभांशु शुक्ला के कार्य से यह स्पष्ट होता है कि भारत अब अंतरिक्ष क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है। अंतरिक्ष यात्रा से लेकर अत्याधुनिक विज्ञान तक, भारत के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष यात्री लगातार नए आयाम छू रहे हैं। उनके योगदान को भारतीय समाज और युवाओं के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जा सकता है।

शौर्य चक्र से सम्मानित कुछ और वीर

कीर्ति चक्र से सम्मानित होने वालों में मेजर अर्जदीप सिंह (1 असम राइफल्स), नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा (2 पारा, विशेष बल), और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर शामिल हैं। नायर, जो भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए प्रशिक्षित चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक थे, उनके योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया है।

अशोक चक्र का महत्व और भविष्य में इसका प्रभाव

अशोक चक्र भारत का सबसे प्रतिष्ठित शांति कालीन वीरता पुरस्कार है, और यह उन व्यक्तियों को दिया जाता है जिन्होंने असाधारण साहस का परिचय दिया हो। इस पुरस्कार के माध्यम से भारत अपने अंतरिक्ष क्षेत्र, रक्षा बलों और अन्य विभागों में काम करने वाले साहसी और प्रेरणादायक व्यक्तित्वों को सम्मानित करता है। शुभांशु शुक्ला को यह पुरस्कार देना न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि का सम्मान है, बल्कि यह भारत की अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती ताकत को भी दर्शाता है।