img

Up Kiran, Digital Desk: ठंड के मौसम में जैसे ही रात गहराती है लाखों घरों में लोग बिस्तर पर लेटते ही हीटर का बटन दबा देते हैं और चैन की नींद सो जाते हैं। मगर अगली सुबह कई लोग सिरदर्द, गले में खराश या घुटन महसूस करके उठते हैं। कुछ लोगों के साथ तो इससे भी बुरा हादसा हो जाता है।

डॉक्टर बता रहे हैं कि बंद कमरे में पूरी रात हीटर चलाना सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। खासकर छोटे बच्चे, बुजुर्ग और अस्थमा के मरीजों के लिए यह जोखिम कई गुना बढ़ जाता है।

सबसे पहले जान लीजिए सेहत को क्या-क्या नुकसान पहुँचते हैं

  • हवा में नमी खत्म हो जाती है। नाक और गला एकदम सूखने लगता है।
  • सुबह उठते ही खांसी शुरू हो जाती है और कई बार नाक से सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है। 
  • स्किन इतनी रूखी पड़ जाती है कि होंठ फटने लगते हैं और हाथ-पैर में दरारें तक पड़ जाती हैं।
  • पहले से ड्राई स्किन वाले लोगों की हालत और खराब हो जाती है। 
  • आँखों में जलन, लाली और बार-बार पानी आना आम बात हो जाती है। बाल भी बेजान और रूखे होकर झड़ने लगते हैं।
  • डैंड्रफ की समस्या अचानक बढ़ जाती है।

सबसे डरावनी बात – कमरे में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने से सुबह चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना या तेज सिरदर्द होना शुरू हो जाता है।

बच्चों और बुजुर्गों पर तो जैसे कहर बरपता है

छोटे बच्चों का शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन जल्दी हो जाता है। वे रात में बेचैन रहते हैं और रोते रहते हैं। बुजुर्गों को सांस फूलने लगती है। दिल की धड़कन तेज हो जाती है और पुरानी खांसी एकदम भयंकर रूप ले लेती है।

अब बात करते हैं जानलेवा सुरक्षा खतरों की

पुराना या खराब हीटर रात में चिंगारी छोड़ सकता है। अगर पास में कंबल, पर्दा या कोई ज्वलनशील सामान पड़ा हो तो मिनटों में आग भड़क सकती है। हर साल सर्दियों में ऐसे कई हादसे सामने आते हैं। गैस हीटर इस्तेमाल करने वालों के लिए तो खतरा और भी बड़ा है। बंद कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस जमा हो जाती है। पहले सिरदर्द होता है फिर उलझन, फिर बेहोशी और अगर समय रहते बाहर न निकाला जाए तो जान तक जा सकती है।

फिर ठंड से बचें तो कैसे बचें?

हीटर को पूरी रात न चलाएँ। 2-3 घंटे गर्म करके बंद कर दें। खिड़की या दरवाजे में हल्का सा गैप जरूर छोड़ें ताकि हवा का आना-जाना बना रहे। कमरे में एक कटोरी पानी या गीला तौलिया रख दें। इससे नमी बनी रहेगी। बेहतर होगा कि ह्यूमिडिफायर इस्तेमाल करें। हीटर को बिस्तर या ज्वलनशील चीजों से दूर रखें। हर 15-20 दिन में तार और प्लग की जाँच जरूर करवाएँ।

सर्दी से बचना जरूरी है मगर अपनी और परिवार की जान जोखिम में डालकर नहीं। थोड़ी सावधानी से आप गर्मी भी पा सकते हैं और सुरक्षित भी रह सकते हैं। इस खबर को अपने व्हाट्सएप ग्रुप और फेसबुक पर जरूर शेयर करें ताकि कोई अनजाने में गलती न कर बैठे।